मथुरा। भारी बरसात और उफनी यमुना ने मथुरा में हाहाकार मचा दिया है। एक बड़ी आबादी में बाढ़ जैसे हालात हैं। खेतों में इतना पानी है कि फसल डूब चुकी है। मोहल्ले और गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कोहराम है हर तरफ।
लेकिन सरकार के मंत्री और विधायकों पर इतना समय भी नहीं कि पीड़ितों की मदद करा सकें। इतना ही नहीं प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग करके अब तक किए गए इंतजामों के बारे में भी समीक्षा नहीं की गई।
मथुरा शहरी क्षेत्र में जयसिंहपुरा के खादर, कन्हैया कुंज, गायित्री विहार, किशोरी नगर और लक्ष्मीनगर हैं। वृंदावन में वराह घाट, कालीधह घाट, बिहार घाट, केसी घाट, जगन्नाथ घाट, वंशीघट क्षेत्र, दुर्गापुरम कालोनी, पानी घाट कालोनी, मोहनी नगर कालोनी, श्याम कुटी, तुलसी वन कालोनी, तुलसी विहार कालोनी, मोर कुटी कालोनी, हुड़दंग नगर के अलावा गांव राजपुर खादर और अक्रूर खादर हैं।
इसके अलावा नौहझील में रायपुर, अनरदा गढ़ी, तिलकागढ़ी, नानकपुर, फरीदपुर, मुसमना, जाफरनपुर, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगरखोर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, छिनपारई, देदना, मरहला मुक्खा हैं, जहां यमुना का पानी घुस आया है।