फिरोजाबाद/जसराना। सुहागनगरी में गंगा दशहरा पर्व शुक्रवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। यमुना नदी में स्नान के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना की। घरों पर पूजा-पाठ के साथ पकवानों का आनंद लिया। शाम को बच्चों, युवाओं ने घरों की छतों पर पतंगबाजी का आनंद लिया।
यमुना नदी में स्नान करने के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। यमुना नदी में स्नान 12 बजे तक चलता रहा। महिलाएं-बच्चे भी पानी के साथ ही अठखेलियां करते दिखाई दिए। यमुना नदी के साथ बड़ी संख्या में लोग गंगा दशहरा पर स्नान करने के लिए राजघाट, सोरोंघाट पहुंचे। शिकोहाबाद स्थित भूड़ा नहर, टूंडला में यमुना नदी में भी स्नान करने वालों की भीड़ रही। इधर यमुना किनारे स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना करने के साथ प्रसाद का वितरण किया जा रहा था। सामाजिक संगठनों ने यमुना की ओर जाने वाले मार्ग पर प्याऊ लगाई तो कहीं मीठा शर्बत का वितरण किया जा रहा था।
इधर शहर में घरों में तड़के स्नान के साथ पूजा अर्चना की गई। जलेबी, खरबूजा तरबूज और आम का भोग लगाया। जसराना में नेजा चढ़ाने के साथ कई जगह थाली रामायण का आयोजन किया गया। झपारा के ऋर्षि तिलकधारी आश्रम पर मेले का आयोजन किया। लोगों ने नहर में डूबकी लगाई। ऋषि तिलकधारी आश्रम पर मेले का आयोजन किया गया। नगला मिलिक में भी ब्रहमदेव महाराज पर नेजा चढाने के साथ थाली रामायण हुई। वहीं गंगा दशहरा के मौके पर पटीकरा नहर में स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही।
गंगा दशहरा के मौके पर बाजार में इस बार तरबूज काफी कम दिखाई दिया। 30 से 40 रुपये किलो तक मिल रहे थे। तरबूज की कमी होने के कारण आम की बिक्री अधिक हुई। दशहरा के दिन जलेबी की सर्वाधिक बिक्री होती है। इसके कारण हलवाइयों की दुकानों पर सर्वाधिक जलेबी की डिमांड रही। शहर के गली मोहल्लों में हलवाई की दुकानों के साथ कई स्थानों पर ठेलों पर भी जलेबी की दोपहर तक खूब बिक्री हुई।
टूंडला के लाइनपार क्षेत्र स्थित बजहेरा और अनवारा घाट पर परिवार सहित लोग स्नान करने पहुंचे। जहां यमुना जी की आरती कर डुबकी लगाई। जलेबी और तरबूज का भोग लगा दान किया। गंगा जाने वाले श्रद्धालुओं को वाहनों के लिए इंतजार करना पड़ा। यमुना घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ लगी रही। हालांकि भीड़ को देखते हुए लाइनपार क्षेत्र के घाटों पर पुलिस तैनात की गई थी।