फिरोजाबाद। हज सेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं हज प्रशिक्षक आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा हजयात्रा ले जाने वाली उड़ानों का ग्लोबल टेंडर इस बार भी नहीं होगा। इसके कारण हजयात्री महंगी हो जाएगी।
उन्होंने कहा देश के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव चंद्रकिशोर शुक्ला ने दो फरवरी को जारी टेंडर में स्पष्ट कर दिया है हजयात्रा के लिए साउदी अरब और भारतीय हवाई कंपनियां ही टेंडर डाल सकेंगी। टेंडर 22 फरवरी को ख्रोला जाएगा। इससे स्पष्ट है कि ग्लोबल के टेंडर व्यवस्था लागू नहीं हो रही है। इधर हजयात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त होने से हजयात्रा महंगी होगी।
हज सेवा समिति सहित कई एनजीओ ने भी भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी को ज्ञापन देकर ग्लोबल टेंडर कराने की मांग की थी। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। गतवर्ष टिकट 68,343 रुपया का था। टैक्स समेत 73,697 का था। सबसे महंगा टिकट गोहाटी से एक लाख 11 हजार और सबसे सस्ता टिकट 53700 रुपये मुंबई से था। हज उड़ानों का ग्लोबल टेंडर होने से हवाई कंपनियों की मनमानी रुक सकती थी।