एटा। बीएलओ की मनमानी और मतदाता सूची से नाम गायब होने के कारण बुधवार को निकाय चुनाव में सैकड़ों मतदाता मतदान से वंचित रह गए। आलम यह रहा कि मतदाता केंद्र पर पहुंचे, लेकिन सूची में नाम नहीं होने पर लौट आए।
निकाय चुनाव को लेकर चलाए गए मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की बुधवार को मतदान के दौरान पोल खुलती नजर आई। मतदाता सूची में नाम नहीं होने और गड़बड़ी की तमाम शिकायतें आईं। एटा नगर पालिका के वार्ष्णेय इंटर कालेज स्थित बूथ पर वोट डालने पहुंचे न्यू विजय नगर क्षेत्र के बाशिंदों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
सूची में नाम नहीं होने से मतदाताओं को वोट डालने से रोक दिया गया। वार्ड नंबर एक, दो और 20, 22 के मतदान केंद्र पर सूची से नाम गायब होने की शिकायतें की गईं। वहीं सकीट के वार्ड नंबर तीन में मतदाताओं को सूची में नाम नहीं होने पर मतदान से वंचित कर दिया गया। वहीं निधौलीकलां, मारहरा, अलीगंज में भी मतदाताओं को सूची से नाम गायब होने पर वोट नहीं डालने दिया गया। इस दौरान हंगामे की स्थिति बनते देख अधिकारियों और पुलिस बल ने लोगों को शांत कराकर घर भेज दिया।
फर्जी मतदान की आई शिकायतें
नगर निकाय चुनाव के दौरान तमाम निकायों से फर्जी वोट डालने की शिकायतें आईं। सकीट में कई वार्डों में मतदाताओं के पहुंचने पर बताया गया कि उनका वोट पड़ चुका है।
इस दौरान लोगों ने डीएम से शिकायत भी की। सकीट क्षेत्र के गांव शेखपुरा, इशारा, कूबरी, चिलमापुर, नगला गंगी के मतदाताओं के वोट नगर पंचायत में होने की लोगों की शिकायत कर आपत्ति जताई।
पहचान पत्र फर्जी मिलने पर मारा छापा
सकीट नगर पंचायत चेयरमैन के घर के पास फर्जी पहचान पत्र बनाने की सूचना पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान गृहस्वामी घर को अंदर से बंदकर भाग गए। इस दौरान पुलिस को पांच पहचान पत्र बरामद हुए।