मथुरा। दिवाली और गोवर्धन पूजन के बाद ब्रज के प्रमुख त्योहार यम द्वितीया स्नान की व्यवस्थाओं का रोड मैप तैयार हो गया है। इसके लिए डीएम और नगर आयुक्त ने यमुना के घाटों का निरीक्षण किया। अब तक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
दिवाली और गोवर्धन पूजन के अगले दिन यम द्वितीया का त्योहार है। इस दिन लाखों श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाते हैं। कई राज्यों के श्रद्धालुओं की भीड़ इसमें शामिल होती है। इसी की व्यवस्थाओं के दृष्टिगत डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार ने यमुना के घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान विश्रामघाट सहित आसपास के घाटों पर किए गए रंगरोगन को देखा। स्नान के दौरान कोई घटना न हो, इसके तहत यमुना के दोनों ओर बैरीकेडिंग के निर्देश दिए। बंगाली घाट से स्वामीघाट क्षेत्र के सभी रास्तों प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता के निर्देश दिए गए।
इस दौरान मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले सभी रास्तोें पर वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित करने तथा पीएसी की मोटर वोट के निर्देश एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह को दिए। इसके अलावा डीएम ने स्वास्थ्य, खोयापाया कैंप के निर्देश दिए। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के प्रबंध सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि यमुना के दोनों ओर महिलाओं के लिए कपड़ा बदलने के कैंप अधिक संख्या में बनाए जाएं। डीएम ने घाट किनारे रेती को भी हटाने को कहा, जिससे स्नान में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी साथ रहे।
यम की फांस से मुक्ति दिलाता यम द्वितीया पर स्नान
धार्मिक मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन यमुना में भाई-बहन एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर डुबकी लगाते हैं तो उन्हें यम की फांस से मुक्ति मिलती है। विश्रामघाट पर इस स्नान का विशेष महत्व है। यमुना को भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी और यम की बहन कहा गया है। यमराज और यमुना का एक मात्र मंदिर भी यहीं है।