आगरा। ताजनगरी की जनता पिछले 26 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की मांग कर रही है, लगातार आंदोलन हो रहे हैं। प्रदेश और केंद्र की सरकारों ने आश्वासन तो खूब दिए लेकिन यहां के जनप्रतिनिधियों की लचर पैरवी के चलते एयरपोर्ट हाथ से चला गया। केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री डा. महेश शर्मा आगरा के जनप्रतिनिधियों पर भारी पड़ गए।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की मांग पर्यटन संस्थाओं ने 1991 में उठाई थी। समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार चुनाव जीते पूर्व सांसद राजबब्बर, भाजपा के टिकट पर दो बार लोकसभा पहुंचे प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया ने एयरपोर्ट बनवाने का दावा किया था। विधानसभा चुनावों में भी एयरपोर्ट मुद्दा रहा। लेकिन बसपा सरकार में मुख्यमंत्री मायावती ने 2007-08 में एयरपोर्ट के लिए जेवर का प्रस्ताव रखा। 2012 में आई अखिलेश सरकार में कभी आगरा तो कभी फतेहपुर सीकरी, बाह, टूंडला और सैफई का प्रस्ताव किया। लेकिन आखिर में आगरा को सिविल टर्मिनल पर ही संतोष करना पड़ा।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नवंबर 2013 में कोठी मीना बाजार मैदान में प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भी आगरा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भरोसा दिलाया था। पिछले साल तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक सिंघल और केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने भी ताजनगरी में हवाई अड्डा बनाने का दावा किया। सांसद चौधरी बाबूलाल और रामशंकर कठेरिया के नेतृत्व में विधायक और यहां के कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल नागरिक उड्डयन मंत्री से मिला तो उन्होंने भी भरोसा दिलाया लेकिन केंद्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा आगरा के दोनों सांसदों पर भारी पड़े और एयरपोर्ट को जेवर ले गए।
सरकार से पुनर्विचार की मांग करूंगा: बाबूलाल
फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल का कहना है कि आगरा की जनता के साथ अन्याय हुआ है। 17 जुलाई से संसद का मानसून सत्र प्रारंभ हो रहा है। इसमें यह मुद्दा संसद में उठाए जाएगा। सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि डा. महेश शर्मा ने आगरा का अहित किया है। आश्वासन देने के बाद भी आगरा का हक छीन लिया है। एयरपोर्ट के लिए जनता वर्षों से आंदोलन कर रही है।
जनता को मायूस होने की जरूरत नहीं: रामशंकर
एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष सांसद रामशंकर कठेरिया का कहना है कि सवाल पैरवी का नहीं है। जेवर का एयरपोर्ट दिल्ली हवाई अड्डे का बोझ कम करने के लिए बनाया जा रहा है। हमारा दावा खत्म नहीं हुआ है। जनता को मायूस होने की जरूरत नहीं है। आगरा में सिविल टर्मिनल के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का टर्मिनल बनेगा और हवाई पट्टी का विस्तार होगा। इसके बाद यहां भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाएगा। सिविल टर्मिनल के लिए 65 करोड़ रुपये के संबंध में आज शाम को ही मुख्यमंत्री से वार्ता करूंगा।