मैनपुरी। डग्गामार बस चालक बेलगाम हो चुके हैं। आलम यह है कि विकास भवन के सामने ही उक्त डग्गामार बस संचालकों ने अड्डा बना लिया है। वहीं ईशन नदी और बस स्टैंड के सामने खड़े होकर बेखौफ सवारियां भरी जाती हैं।
उल्लेखनीय है कि सपा शासन में डग्गामार बसों का संचालन बड़े पैमाने पर होता था। स्थिति यह थी कि उक्त डग्गामार बस संचालक रोडवेज बस स्टैंड के गेट पर गाड़ी लगाकर पहले अपनी बसें भरते थे। इसके चलते आए दिन डग्गामार बसों के संचालकों और रोडवेज कर्मियों में मारपीट व विवाद होता था।
कुछ दिन से डग्गामार वाहन नहीं दिख रहे थे लेकिन फिर से अब रोडवेज बस स्टेंड से सवारियां भरी जा रही हैं। बस संचालकों ने विकास भवन के पास अपना अड्डा बना रखा है।
वहां से गाड़ी पहले ईशन नदी तिराहे पर आती है उसके बाद रोडवेज बस स्टैंड के राधारमन रोड वाले छोर पर खड़े होकर सवारियां भरी जाती हैं। जब इस संबंध में अधिकारियों से पूछा जाता है तो वे तर्क देते हैं कि सिर्फ वे ही बसें चल रही हैं जिनको परमिट मिला हुआ है।
जानकारों के अनुसार सिर्फ 18 बसों को इटावा रूट का परमिट मिला है। जबकि डग्गामार बस संचालक आगरा इटावा, फर्रुखाबाद और एटा रूटों तक पर जमकर गाड़ियां चला रहे हैं। इस संबंध में सीओ सिटी का कहना है कि पूर्व में उक्त बस संचालकों और कुछ अधिकारियों की बैठक हुई थी।
उसमें ही उन्हें बस संचालन की अनुमति दी गई थी। अब बस संचालकों से उक्त अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहा गया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जितनी गाड़ियों की अनुमति मिली है सिर्फ उतनी ही गाड़ियां चलने दी जाएंगी। उसके अलावा कोई गाड़ी रोड पर चलती हुई मिलेगी तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।