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ख्वाजा साहब की शिक्षाओं पर अमल करने की जरूरत- हाफिज जुबैर

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कासगंज के भरगैन में उर्स के मौके पर दुआ मांगते मुस्लिम समाज के लोग - फोटो : KASGANJ
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भरगैन ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 809वें वार्षिक उर्स के मौके पर शुक्रवार को कस्बा के मोहल्ला अहमद थोक के तकिए पर जिक्र-ए-ख्वाजा गरीब का आयोजन हुआ। इसके साथ ही फातिहा ख्वानी हुई। वतन में सलामती और खुशहाली की दुआ मांगी गई। कार्यक्रम में गौसिया मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मुहम्मद जुबैर अहमद खान ने ख्वाजा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे इस्लाम धर्म के एक महान सूफी संत थे, जिन्होंने गरीबों की भलाई के लिए कई कार्य किए। इसलिए ख्वाजा साहब को गरीबों का मसीहा भी कहा जाता है। अजमेर स्थित दरगाह से सभी धर्मों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
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समाजसेवी रिहान खान ने कहा कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती एक प्रसिद्ध सूफी संत होने के साथ-साथ इस्लामिक विद्वान और दार्शनिक थे। उनकी ख्याति इस्लाम के महान उपदेशक के रूप में दुनिया भर में फैली हुई है। उन्होंने कहा कि हुजूर ख्वाजा साहब का उर्स हम सभी को गरीबों की सेवा, समाज में अमन व आपसी भाईचारे का पैगाम देता है। अंत में ख्वाजा मोईनुद्दीन साहब के नाम की फातिहा ख्वानी हुई। इस दौरान मौलाना अब्दुल माजिद, हाफिज अख्तर अली, हाजी हाफिज अली, शकील खान, खालिद खान, सभासद असलम खान, सैबुल हसन, हाजी अकरम अली आदि मौजूद रहे।
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