मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त 73 मदरसों में बिना एनओसी या संबद्धता के सीबीएसई कक्षाएं संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। बीएसए ने तीन दिन में स्पष्टीकरण देने और अमान्य कक्षाएं बंद करने के निर्देश दिए हैं, उल्लंघन जारी रहने पर जुर्माने की चेतावनी दी गई है।
आगरा में मदरसा बोर्ड से मान्यता लेकर सीबीएसई की कक्षाएं संचालित करने वाले 73 मदरसे बेसिक शिक्षा विभाग के निशाने पर आ गए हैं। अनापत्ति प्रमाणपत्र या बिना संबद्धता के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर सीबीएसई की कक्षाएं चलाने पर बीएसए ने नोटिस जारी किए हैं।
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तीन दिन में साक्ष्यों के साथ स्पष्टीकरण देने और अमान्य कक्षाओं का संचालन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं उल्लंघन जारी रहने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना और मान्यता निरस्त की कार्रवाई होगी।
बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि मदरसों के संबंध में शिकायतें भी मिली थीं। इसके बाद विभागीय स्तर पर उनकी ऑनलाइन प्रोफाइल में दर्ज जानकारी की जांच की गई। मदरसों की ओर से जीपी (जनरल प्रोफाइल), ईपी (एनवायरमेंट प्रोफाइल), एफपी (फैसिलिटी प्रोफाइल), एसओ-2 और एसओ-3 में जानकारी दर्ज की जाती है।
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विवरण की जांच के दौरान सामने आया कि मदरसों में सीबीएसई के बच्चों को पढ़ाए जाने की जानकारी दर्ज थी। कार्रवाई में शहर के 60, बिचपुरी के पांच, अछनेरा के दो, बाह का एक और फतेहपुर सीकरी के 3, एत्मादपुर के 2 मदरसे शामिल हैं।
इन संस्थानों को केवल मदरसा बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम की मान्यता मिली है। बेसिक शिक्षा विभाग से प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं चलाने के लिए एनओसी या एफिलिएशन नहीं लिया गया।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में अमान्य कक्षाएं बंद नहीं की गईं या जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो आरटीई अधिनियम के तहत एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। उल्लंघन जारी रहने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना और मदरसा मान्यता रद्द करने के लिए मदरसा बोर्ड को संस्तुति भेजने की कार्रवाई होगी। बीएसए ने संबंधित बीईओ को दो दिन में नोटिस तामील कराकर रसीद कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।