पुराने शहर में 72 इमारतें ऐसी हैं जो 300 से 400 साल तक पुरानी है और जर्जर हो चुकी है। बारिश में इन इमारतों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। नगर निगम से गिरासू घोषित होने के बाद भी जर्जर भवनों में लोग रह रहे हैं और कारोबार कर रहे हैं। इन्हें हर बार बारिश से पहले नोटिस जारी किया जाता है।
निगम ने इस साल 40 और मकान गिरासू घोषित किए हैं। निगम हर साल राम बरात से पहले पुराने शहर में जर्जर भवनों का सर्वे कराता है। बीते साल इनकी संख्या 32 थी लेकिन इस साल कुल 72 भवन गिरासू घोषित किए जा चुके हैं।
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इन जगहों पर हैं जर्जर भवन
पथवारी रोड, कचहरी घाट रोड, छत्ता बाजार, बेलनगंज रोड, जौहरी बाजार, रावत पाड़ा रोड, कसेरट बाजार, फब्बारा तिराहा, किनारी बाजार, पोस्ट ऑफिस के ऊपर, फुलट्टी बाजार, सेब का बाजार, कचहरी घाट, धूलियागंज, घटिया चौराहा, बसंत सिनेमा पर 72 भवनों को जर्जर घोषित किया जा चुका है।