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बारिश से भीगे गेहूं गट्ठर को सुखाने में जुटे रहे किसान

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बारिश से भीगे गेहूं गट्ठर को सुखाने में जुटे रहे किसान - फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। क्षेत्र में बुधवार को बारिश होने से किसानों की नींद गायब हो गई। गुरुवार की सुबह होते ही किसान खेतों में पहुंचे और कटी पड़ी गेहूं की फसल को सुखाने में जुट गए। हालांकि बारिश रुकने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि विभाग भी गेहूं की फसल में हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है।
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दो दिन से आसमान में छाए बादल बुधवार की रात जमकर बरसे। लगभग दो घंटे तक हुई बारिश ने किसानों की रात की नींद उड़ा दी। उनकी गेहूं की फसल जो खेत में पड़ी थी। गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। एक सप्ताह से कटाई का काम जोरों पर है। कोई गेहूं की फसल को कटाने में लगा हुआ है तो कोई थ्रेसिंग करा रहा है। बारिश के बाद ये सारा काम रुक गया। बुधवार रात को तेज हवा के साथ बारिश हुई।

इससे एक ओर जहां खड़ी फसल गिर गई तो वहीं कटी फसल भीग गई। सुबह बारिश रुकी तो किसान सीधे खेतों की ओर दौड़े। भीगी गेहूं की फसल सुखाने में किसान जुट गए। गेहूं के बंधे हुए गट्ठरों को किसान खोलकर सुखाते रहे। वहीं, दूसरी ओर तेज हवा के साथ बारिश होने से जो फसल गिर गई है, उसे काटना किसानों के लिए मुश्किल भरा होगा। सूखने से पहले इस फसल को काटना संभव नहीं है। वहीं अगर बारिश दोबारा होती है तो गेहूं का दाना काला पड़ जाएगा।
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एक ओर जहां गेहूं की फसल में बारिश से नुकसान हुआ तो वहीं दूसरी ओर मूंगफली की फसल के लिए बारिश संजीवनी साबित हुई। सूख रही मूंगफली की फसल बारिश के बाद लहलहाने लगी है। लेकिन जिले में मूंगफली का रकबा कम होने के चलते इससे किसानों को बहुत अधिक फायदा नहीं होगा।
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