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आज बरसेंगे मस्ती के रंग, थिरकेंगे कदम

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आज बरसेंगे मस्ती के रंग, थिरकेंगे कदम - फोटो : अमर उजाला
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एटा। चेहरों पर रंग, मन में तरंग और लबों पर उमंग। जश्न के साथ चारों ओर मस्ती और हुड़दंग। प्रेम के त्योहार होली का उल्लास गुरुवार को जिलेभर में धूमधाम से जाएगा। इस दौरान लोग आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ खुशियों के रंग बिखेंरेंगे। बुधवार देर शाम को जगह-जगह पूजन के बाद होलिका दहन किया गया।
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घरों में बुधवार को होली त्योहार की तैयारियां चलती रहीं। बुधवार शाम को लोगों ने होलिका पूजन किया। गली मोहल्लों में जगह-जगह होलिका पूजन के लिए लोगों की कतारें लगती नजर आईं। लोग घरों से पूजन का सामान लेकर होलिका स्थल तक पहुंचे। जहां लोगों ने होलिका को पकवान और पूजा सामग्री समर्पित की। परिक्रमा लगाकर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कई जगहों पर शाम को होलिका दहन के दौरान लोगों ने जौ की बालियां समर्पित की। नई फसल के साथ धन-धान्य की कामना की।
गुरुवार सुबह से जिले में रंग बिखरने शुरू हो जाएंगे। लोग घर-घर जाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर खुशियों की कामना करेंगे। इसके साथ ही युवाओं की टोलियां हुड़दंग मचाती हुई शहर में होली की खुशियां मनाएंगीं। जगह-जगह युवा लोगों को रंग लगाएंगे और उल्लास मनाएंगे।
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महिलाएं जुटी रहीं काम में
होली त्योहार को लेकर बुधवार को पूरे दिन महिलाएं काम में जुटी रहीं। इस दौरान महिलाओं ने गुझिया आदि पकवान बनाए। पूजा-पाठ की तैयारियां की गईं।

होली पर जिले में ये हैं परंपराएं
जिले के शहर और ग्रामीण क्षेत्र में होली की अलग-अलग परंपरांए हैं। शहरों में होली पूजन के बाद अगले दिन सुबह मोहल्ले के लोग अपने हिसाब से अलग समय पर आखत डालते हैं। इसके बाद होली की आग के आलू और शकरकंद भून कर खाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सामूहिक रूप से होली के चारों ओर घूम कर होलिका के जयकारे लगाते हुए आखत डालने की परंपरा है। आखत डालने से पहले ग्रामीण होली की आग में गेहूं, जौ की बालियां भूनने के अलावा गन्ना भून कर जमीन पर पटकते हैं और आखत डालने के बाद ग्रामीण शहरों की तरह होली की आग में आलू और शकरकंद भून कर खाते हैं।

1821 स्थानों पर हुआ होलिका पूजन
जिले में बुधवार शाम रंग पर्व होलिका पूजन 1821 स्थानों पर हुआ। लोगों ने होलिका माता से पूजन कर सुख, शांति और धन-धान्य की कामना की। होली दहन के बाद पड़ने वाले आखत के लिए लोग शहर के आसपास खेतों से गेहूं और जौ की बालियां उखाड़ते दिखाई दिए।
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