अमांपुर कस्बे में डकैती की वारदात को लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा था। सुबह जैसे ही लोग नींद के आगोश से बाहर निकले तो उन्हें मोहल्ला ददवारा की वारदात की जानकारी हुई तो घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ेे। घटना के बाद लोगों में आक्रोश भड़क गया। गुस्साए लोगों ने सिढ़पुरा चौराहे पर जाम लगा दिया।
सिढ़पुरा चौराहे पर जहां लोगों ने वहां से निकलने वाली रोडवेज की बस को रोक लिया, वहीं अन्य गुजरने वाले वाहनों को भी सड़क पर आड़ा तिरछा खड़ा करके जाम लगा दिया। सुबह 8 बजे के बाद जाम लगना शुरू हुआ। जाम में धीरे धीरे लोगों की संख्या बढ़ने लगी, चूंकि मृतक अमंापुर के समीपवर्ती गांव सरसेंठ के मूल निवासी हैं। सरसेठ गांव से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। कस्बे के लोग भी जामस्थल पर पहुंच गए। जाम लगने के कारण सुबह के समय खुलने वाले कस्बे बाजार भी नहीं खुले। सूचना पर पुलिस बल भी अमांपुर में पहुंच गया। अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम जैनेंद्र कुमार सिंह, सीओ प्रदीप कुमार जामस्थल पर लोगों को समझाते नजर आए, लेकिन लोग कुछ समझने को तैयार नहीं थे। इसके बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी और विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, सहावर के ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र गौर, पूर्व विधायक वीरेंद्र सोलंकी, नगरपंचायत अमांपुर के अध्यक्ष चांद मियां सहित अन्य नेता भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से वार्ता हुई। बाद में कार्रवाई के भरोसे के बाद ढाई घंटे बाद जाम खुल सका।
जामस्थल से आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व आक्रोशित लोगों के बीच थाना परिषद में बातचीत हुई। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस लापरवाही की जांच भी होगी और मामले का खुलासा भी किया जाएगा, तब जाकर मामला शांत हुआ। जाम खुलने के बाद लोगों ने अपनी दुकानें खोलीं। बाजार खुलने से लोग राहत में आए। कस्बे में पुलिस और प्रशासन की चौकसी दिनभर बनी रही।