मथुरा। ऋण मोचन योजना में जमीन के विवाद और अन्य कारणों से बचे 17 हजार से अधिक किसानों की जांच व सत्यापन रिपोर्ट तहसीलों में दबी पड़ी है। लेखपाल व अन्य राजस्व कर्मियों ने किसानों की रिपोर्ट को आगे नहीं बढ़ाया है। इससे किसानों को ऋण मोचन योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
पिछले साल योगी सरकार ने सीमांत किसानों के ऋण मोचन योजना के तहत एक लाख रुपये तक के ऋण माफ किए थे। इसमें एक लाख आठ हजार किसानों को लाभ हुआ। हजारों किसान इस योजना के लाभ से वंचित रह गए। इस पर प्रदेश सरकार ने फिर से किसानों से ऑनलाइन शिकायत मांगी। इसमें जनपद में 17608 किसानों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
अब जिला प्रशासन ने तहसीलों से शिकायतों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी है, लेकिन तहसीलों से रिपोर्ट नहीं दी जा रही। बिना तहसीलों की सत्यापन रिपोर्ट के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि 20 अप्रैल तक तहसीलों से सत्यापन रिपोर्ट देने को कहा गया है, रिपोर्ट आने के बाद शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा।