एटा। सालों से लंबित पड़ा हाईवे फोरलेन निर्माण का काम किसानों को मालामाल करने जा रहा है। हाईवे फोरलेन निर्माण और बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए प्रशासन ने 41 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेज दिए हैं। जिले में 43 किमी लंबे हाईवे फोरलेन निर्माण के लिए छह महीने में भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा।
जिले से गुजर रहे एनएच 91 को फोरलेन करने के लिए जिला प्रशासन ने भी कवायद तेज कर दी है। 1300 किसानों की भूमि को अधिग्रहण करने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही किसानों को मुआवजे का लाभ मिलने लगा है। किसानों को क्षेत्र के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी टीम काम को पूरा कराने में जुटी है। एसडीएम सदर और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। 1300 किसानों की फाइलें तहसील को मिल चुकी हैं। इसके बाद करीब 200 किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दे दिया गया है। छह महीने में निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। किसानों को मुआवजे के तौर पर कुल 184 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। 43 किमी लंबे फोरलेन और 11 किमी लंबे बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण होगा।
6833 किसानों की जमीन चिन्हित
जिले में निर्माण कार्य के लिए 6833 किसानों की जमीन का चिन्हांकन किया गया है। इसके लिए किसानों को तहसील से एक प्रारूप दिया जा रहा है। जिसे तहसील की टीमें किसानों के पास पहुंचकर संकलित कर रही हैं।
इन गांवों में होना है भूमि अधिग्रहण
भदवास, भदुआ, सोंगरा, बरई, पिलुआ, ततारपुर अव्वल, सुन्ना सिहोरी, बमनई, विरामपुर, छितौनी, दूल्हापुर, कसैटी, रारपट्टी, नगला फरीद, रामपुर घनश्याम, नरहरा, कुसाड़ी, मानपुर, सैंथरी, हरचंदपुर कलां, छछैना, मिल्क छछैना, मानिकपुर, आसपुर, पुरावं, लाल डुंडवारा, मधपुरा, अकबरपुर, मलावन, कंगरौल, महुआ खेड़ा।
ये हैं आंकड़े
148.97 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है
184 करोड़ रुपये दिया जाएगा बतौर मुआवजा
43 किमी लंबे क्षेत्र में होगा फोरलेन का निर्माण
868 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिले में निर्माण पर