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एसआईटी ने जेल में बंद आरोपियों से की पूछताछ

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डीएम पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
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सांप्रदायिक हिंसा और चंदन की हत्या के आरोप में एसआईटी टीम तेजी से जांच कर रही है। एसआईटी टीम के विवेचकों ने जिला जेल में जाकर बंद आरोपियों से पूछताछ करके बयान दर्ज किए। वहीं हिंसा की घटनाओं से जुड़े करीब 10 वीडियो एसआईटी के पास हैं जो जांच पड़ताल का प्रमुख हिस्सा हैं।

हिंसा के 10 मामलों की जांच एसआईटी टीम द्वारा की जा रही है। जेल में अब 54 आरोपी जा चुके हैं। इनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में हत्या, आगजनी, हिंसा के मामलों से जुड़े सभी आरोपी हैं। एसआईटी टीम की जांच में तेजी आ रही है। पहले चरण में पुलिस ने हिंसा की घटनाओं को लेकर साक्ष्य जुटाए।
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इन साक्ष्यों का मुख्य आधार सीसीटीवी विडियो व फुटेज रहे। अब आरोपियों से भी हिंसा के मामले से जुड़े विवेचकों ने बंद आरोपियों से पूछताछ करके बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। अब पुलिस बयानों के आधार पर जो तथ्य प्रकाश में आए हैं उनकी भी जांच पड़ताल करेगी। जांच पूरी होने के साथ ही आरोपी भी चिह्नित होंगे। पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि एसआईटी टीम को अब तक 10 से अधिक विडियो फुटेज एवं सीसीटीवी फुटेज मिल चुके हैं। जिनकी जांच पड़ताल हो रही है।


आरोपी दे रहे हैं बेगुनाही के सबूत
जेल में बंद आरोपियों के पैरोकार लगातार अपनी बेगुनाही के सबूत दे रहे हैं। जांच टीम इन सभी सबूतों को भी जांच में शामिल करेगी। विभिन्न अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक को अपनी बेगुनाही के सबूत लोगों ने भेजे हैं। एक नर्सिंग होम के कंपाउंडर की गिरफ्तारी पर भी उसके परिवारीजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गलत फंसाने का पुलिस पर आरोप लगाया है।


मजिस्ट्रेटी जांच के लिए साक्ष्य देने का आज अंतिम दिन
सांप्रदायिक हिंसा और हत्या के मामले को लेकर अपर जिलाधिकारी न्यायिक मनीष कुमार नाहर मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे हैं। इस मजिस्ट्रेटी जांच के लिए साक्ष्य देने की मंगलवार को अंतिम तिथि है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंसा की घटना के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी रखता है। साक्ष्य व बयान देना चाहता है तो वह कार्य समय में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। डाक के माध्यम से भी साक्ष्य प्रेषित किए जा सकते हैं।
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चंदन के परिवार को बुधवार को मिल जाएगा शस्त्र लाइसेंस
कासगंज। तिरंगा यात्रा के दौरान हत्या का शिकार हुए चंदन गुप्ता के परिवार को बुधवार तक शस्त्र लाइसेंस जिलाधिकारी द्वारा निर्गत किया जाएगा। चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने रायफल के लिए आवेदन किया है। जबकि भाई विवेक गुप्ता ने रिवाल्वर के लिए आवेदन किया है। जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि दोनों ही शस्त्र लाइसेंस बुधवार को निर्गत किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने इस संबंध में शस्त्र अनुभाग प्रभारी लिपिक को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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