फिरोजाबाद। नगर निकाय चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी आत्ममंथन में जुट गई है। एक-एक बूथ पर हार-जीत की समीक्षा की जा रही है। इस बीच सपा के जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव ने पद से त्यागपत्र देते हुए किसी गैर यादव कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की मांग करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजा है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव और सांसद अक्षय यादव को भेजे पत्र में रामसेवक यादव ने कहा है कि फिरोजाबाद में यादव समाज पूरी तरह से समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है।
जनपद में समाजवादी पार्टी की मजबूती के लिए अन्य समाज का जुड़ना अति आवश्यक है। इस परिप्रेक्ष्य में किसी अन्य समाज के व्यक्ति को जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाना पार्टी हित में होगा। इस लिए उन्हें (रामसेवक यादव) जिलाध्यक्ष पद से मुक्त करें।
सपा जिलाध्यक्ष के पद छोड़ने के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गयी है। नए जिलाध्यक्ष के लिए कई नाम सपा खेमे में घूम रहे हैं। सपा 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए जिलाध्यक्ष बनाएगी। निकाय चुनाव में सपा के हाथ से मुस्लिम वोट पूरी तरह से खिसक गया।
इस लिए माना जा रहा है सपा किसी मुस्लिम को जिलाध्यक्ष बना सकती है। पार्टी का एक धड़ा गैर मुस्लिम और गैर यादव को जिलाध्यक्ष बनाए जाने का तर्क दे रहा है। ऐसे में अति पिछड़ा वर्ग से पार्टी जिलाध्यक्ष बना सकती है। पूर्व विधायक अजीम भाई सपा से बगावत कर चुके हैं। पार्टी ने अभी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है लेकिन मुस्लिम चेहरे के रूप में अजीम भाई का विकल्प तलाशने की पार्टी कोशिश कर रही है।
सपा जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव ने कहा कि उनके पद छोड़ने की पेशकश को निकाय चुनाव में खराब या अच्छे प्रदर्शन के तर्क से जोड कर न देखा जाए। उनके लिए पार्टी का हित सर्वोपरि है इस लिए यह फैसला लिया है। आगे पार्टी जो भी फैसला लेगी वह स्वीकार है।