फिरोजाबाद। मंदिर की दहलीज से लेकर पुलिस थाने तक अपने खोए लाडले को पाने के लिए जिन मां-बाप ने आंसू बहा दिए। उन मां-बाप की मुराद एक फिल्मी कहानी की तरह पूरी हो गई। जब मां-बाप के सामने बच्चा आया तो खुशी से आंसू छलक उठे। जिस शराब के कारण बच्चा खो गया था, पिता ने बेटे को सीने से लगा कर शराब नहीं पीने की कसम खाई। बाल कल्याण समिति की पहल से दो बच्चों को मथुरा में रहने वाले उनके मां-पिता से मिला दिया।
बाल कल्याण समिति फिरोजाबाद ने बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को फिर से मिलाने की पहल की है। बालगृह में रह रहे 12 वर्षीय कान्हा बाथम, इकबाल एवं दीपक ने मथुरा ले जाने पर मां-बाप का पता बताने की बात कही। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. अमित गोयल, जगजीवन राम शर्मा, डा. जफर आलम तीनों बच्चों को लेकर मथुरा स्टेशन पर पहुंचे।
कान्हा ने बताया कि जब वो पिता से बिछड़ा था, तब उसके पिता राजेंद्र बाथम मथुरा स्टेशन के पास रिक्शा चलाते थे। समिति सदस्यों ने स्टेशन के पास रिक्शा चालकों से पूछताछ की। एक घंटे बाद पिता राजेंद्र बाथम रिक्शा चलाते मिल गए। बच्चे को देखकर पिता की आंखे भर आई और कई साल बाद मिले बेटे सीने से लगाते हुए शराब नहीं पीने की कसम खाई।
वहीं इकबाल पांच साल पूर्व मां से बिछड़ था। बालक इकबाल बाल समिति सदस्यों को मथुरा के मालगोदाम रोड स्थित गोपाल नगर ले गया। मां ने बच्चे को एवं बच्चे ने मां को पहचान लिया। स्कूल की शिक्षिका ने वर्षों पुराने रजिस्टर में इकबाल का रजिस्ट्रेशन दिखाया तो इकबाल को मां के सुर्पुद कर दिया गया। तीसरे बच्चे दीपक के मां-बाप की तलाश मथुरा में जारी है।
समिति के सदस्य बालक के बताए मथुरा के गांव उमरी, रामपुरा लेकर गए। बालक छोटी उम्र में मां-पिता से बिछड़ने से पता नहीं बता सका। बालक अपने पिता का नाम विनोद बता रहा है।