सौंख (मथुरा)। सड़क हादसे में जान गवाने वाले सैनिक करनपाल सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव अहमल कलां में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान सेना की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र मोहित ने मुखाग्नि दी।
गांव अहमल कलां निवासी सैनिक करनपाल सिंह अपने रिश्तेदार मिश्रीलाल के साथ शुक्रवार को दोपहर अपनी साली रवि कुमारी की लग्न सगाई में शामिल होने के लिए बाइक से डीग भरतपुर के लिए गया था। सगाई समारोह से लौटते समय शाम 6:30 बजे डीग-बहज मार्ग पर अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। राजस्थान पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने आनन-फानन में घायल करनपाल सिंह सहित रिश्तेदार को मथुरा के नयति हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उपचार ने दौरान सैनिक करनपाल सिंह की मौत हो गई।
सैनिक की मौत की सूचना परिजनों ने जम्मू कश्मीर आर्मी हेड क्वाटर में दी है। शनिवार की सुबह आर्मी की ओर से दिवंगत सैनिक का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद सैनिक के पैतृक गांव अहमल कलां में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने सैनिक को अंतिम सलामी दी। दिवंगत सैनिक जम्मू-कश्मीर में आर्मी में नायक पद पर तैनात था। अपनी चचेरी बहन और साली की शादी के लिए करनपाल सिंह 9 नवंबर को 50 दिन की छुट्टी पर आया था।
वह परिवार में दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। सैनिक के दो पुत्र मोहित 10 वर्ष, रोहित 8 वर्ष और 12 वर्षीय एक पुत्री ज्याति है। सैनिक की पत्नी पिंकी का रो-रोकर बुरा हाल था। इस मौके पर आर्मी ओर से सुजीत दुबे, नायब सूबेदार फहीद्दीन खान, लेफ्टिनेंट हिमंाशु भटनागर, सूबेदार तरसेन सिंह, हरदेव सिंह, भरत सिंह कुंतल, प्रधान वृंदावन सिंह, राजकुमार चौधरी आदि उपस्थित थे।