मथुरा। भाजपा में मेयर के लिए पार्टी के खामोश सिपहसलार दावेदार तय कर रहे हैं। दो दिन से इसके लिए मशक्कत चल रही है। जिला और निकाय प्रभारी द्वारा पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पूर्व जनप्रतिनिधि और संघ से जुडे़ लोगों की राय ले रहे हैं। ऐसे 35 खामोश सियासलारों ने मेयर के लिए तीन नामों की पर्चियां भी इन्हें थमा रहे हैं। भाजपा में निकाय चुनाव के उम्मीदवारों की दावेदारी के बाद अब उनके चयन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। इसके लिए दो दिन से मंडल इकाईयों की बैठक चल रही है। रविवार को नगर पंचायत के लिए 2 से 5 नामों का पैनल तैयार करने के बाद सोमवार को मथुरा-वृंदावन नगर निगम में मेयर और पार्षद को लेकर दिन भर बैठकों का दौर चला। सबसे पहले निकाय प्रभारी मानवेंद्र सिंह, सह प्रभारी दयाशंकर सिंह, जिलाध्यक्ष तेजवीर सिंह ने शहर के उन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से रायसुमारी की जो कहीं पार्टी में शीर्ष पदों पर रहे हैं। इस प्रक्रिया में संघ से जुडे़ लोगों को भी शामिल किया गया। सभी को मेयर के उम्मीदवारों के नाम बताते हुए लिखित में गोपनीयता के तौर पर वरीयता के क्रम में 3-3 नाम की पर्चियां भी ली गई हैं।
होलीगेट मंडल की बैठक में जमकर तू-तू-मैं-मैं
मथुरा। पार्षद के 610 उम्मीदवारों में से पैनल तय करने के लिए नगर निगम अंतर्गत छह मंडलों की बैठक हुई। इसमें होलीगेट मंडल की बैठक के दौरान विवाद हो गया। जिला पदाधिकारी और मंडल अध्यक्ष आमने-सामने आ गए। इस स्थिति में मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र अग्रवाल ने बैठक ही छोड़ दी। बात बिगड़ते देख निकाय और जिला प्रभारी ने स्थिति को संभाला। दोनाें पक्षों को शांत करते हुए नाराज होकर बैठक छोड़ गए मंडल अध्यक्ष को फिर से बुलाया गया। इसके बाद बैठक फिर शुरू हो सकी।