मथुरा। प्राइमरी विद्यालय चंद्रनगर में पढ़ाई को मजाक बनाकर रख दिया है। यहां 250 छात्र है उन पर एक मात्र महिला शिक्षिका है। सोमवार को स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल पहुंच कर हंगामा खड़ा कर दिया। स्कूल पर जबरन ताला डाल दिया। हंगामे के बाद एबीएसए ने शिक्षण कार्य के लिये दो शिक्षकों को और लगाया है। प्राइमरी विद्यालय में दो शिक्षिकाएं है। एक दिन पहले एक शिक्षिका ने चिकित्सा अवकाश ले लिया। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत 250 छात्रों पर मात्र एक शिक्षिका ही रह गई। ये जानकारी जब गांव वालों को मिली तो वो विद्यालय पहुंच गये और हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था इन परिस्थितियों में बच्चों को आखिर क्या पढ़ाया जाएगा। आक्रोशित ग्रामीणों स्कूल पर ताला डाल दिया। जब ये सूचना अफसरों को मिली तो हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एबीआरसी महेश अग्रवाल ने जूनियर हाईस्कूल के दो शिक्षकों को इस विद्यालय में लगाया है।
जिले के आदर्श विद्यालयों में है शामिल
मथुरा। चंद्रनगर विद्यालय जिले के आदर्श विद्यालयों में शामिल है। अगले सत्र से यहां अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की जानी है। करीब छह माह पहले यहां प्रधान अध्यापक और महिला शिक्षिका में विवाद हो गया। मामले ने तूल पकड़ा ने तो तत्कालीन बीएसए ने जांच पूरी होने तक दोनों को ही विद्यालय से हटा दिया। वर्तमान में यहां दो महिला शिक्षिकाओं के भरोसे ही शिक्षण कार्य है।
‘ग्रामीणों ने प्राइमरी विद्यालय चंद्रनगर में ताला डाल दिया है। इस सूचना पर एबीआरसी को भेजा गया है। शिक्षण कार्य के लिये वहां दो और शिक्षकों को लगाया गया है।’
राकेश चौधरी, एबीएसए मथुरा