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अब महिला अस्पताल से नहीं लौटेंगी प्रसूताएं

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‌जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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एटा।
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अब जिला महिला अस्पताल से प्रसूताओं को वापस नहीं लौटना पड़ेगा। अस्पताल में प्रसव को आने वाली हर प्रसूता की निगरानी होगी। साथ ही हर गर्भवती के आने-जाने के समय अंकित किया जाएगा। अस्पताल के गेट पर बैठे कर्मचारी को आवागमन पंजिका दी गई है। जिसमें कर्मचारी हर प्रसूता का विवरण दर्ज करेंगे। इसके साथ ही अस्पताल में शिकायत पंजिका रखी गई है।
दरअसल, जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की मनमानी के चलते आए दिन प्रसूताओं को लौैटाया जाता है। इलाज नहीं मिलने से कई प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इसे लेकर कई बार हंगामा और तोड़फोड़ भी हुई है। घटनाओं के बाद जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने नई व्यवस्था बनाई है। अब गेट पर बैठे होमगार्ड को आवागमन पंजिका दी गई है। जिसमें 24 घंटें में अस्पताल पहुंचने वाली प्रसूता का विवरण दर्ज किया जाएगा। पंजिका में यह भी अंकित होगा कि अगर किसी प्रसूता को रेफर किया है, तो उसे प्राथमिक उपचार किसने क्या दिया? इसके साथ ही कक्ष नंबर पांच में शिकायत पंजिका रखवाई गई है।
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जिला महिला अस्पताल में दो महिला डाक्टरों की तैनाती होने के बाद प्रसव की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां चार से पांच प्रसव हर रोज होते थे, अब यह संख्या 12 पहुंच गई है।
आशाओं को भी देना होगा विवरण
जिला महिला अस्पताल में पहुंचने वाली आशाओं को भी अपना विवरण दर्ज करना होगा। अस्पताल में आशा विश्राम स्थल पर पंजिका में आशाओं को आने का कारण देना होगा। बेवजह कोई भी आशा जिला अस्पताल में मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रसूताओं को पूरा इलाज देने और उनको स्वस्थ बनाने के लिए पहल की गई है। आवागमन पंजिका और शिकायत पंजिका के जरिए समस्याओं को दूर किया जाएगा। इसकी निगरानी मैं खुद करूंगा।
- डॉ. प्रदीप कुमार, सीएमएस
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