एटा। जिला प्रशासन राजस्व वादों को निपटाने में फेल हो गया है। लंबित वादों की संख्या बढ़ने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए मामलों को निपटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं आलम यह है कि जिले में 4450 मामले लंबित चल रहे हैं। इनमें 87 मामले ऐसे सामने आए हैं, इनको पांच साल से अधिक वक्त हो चुका है। हर बार वादी तारीख करने आते हैं, लेकिन निपटारा नहीं हो पाने से उनको मायूस लौटना पड़ता है।
शासन से राजस्व परिषद ने पिछले दिनों सभी जिलाधिकारियों को जिलों में लंबित चल रहे राजस्व वादों को निपटाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही जमींदारी विनाश अधिनियम के तहत चल रहे पांच साल से अधिक पुराने वादों को खत्म करने के लिए कहा था, मगर शासन के निर्देशों को जिले में अमल में नहीं लाया जा सका। मंडलायुक्त ने मंडलभर के जिलों की राजस्व वादों के निस्तारण की प्रक्रिया की साप्ताहिक समीक्षा की, तो एटा जिले की स्थिति बेहद खराब निकली। जिले में लंबित चल रहे 4450 वादों में से पिछले सप्ताह महज 16 वादों का ही निस्तारण किया गया।
इसके साथ ही 87 वाद ऐसे हैं, जिनको पांच साल से अधिक का वक्त हो चुका है। एटा जिले की अंत्यत खराब स्थिति पर मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम अमित किशोर को पत्र लिखकर मामलों का तेजी से निपटारा कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम को स्थिति को सुधारने के लिए कहा है।
फरियादी काट रहे चक्कर, अफसरों को नहीं फुरसत
दरअसल, जिले के अधिकारी न्यायालय को पूरा वक्त नहीं दे पा रहे हैं। तमाम प्रशासनिक कार्यों और कार्यक्रमों के चलते अफसर न्यायालय में बैठ ही नहीं पा रहे हैं। इसके चलते वाद लंबित हो रहे हैं।
इन न्यायालयों में लंबित चल रहे वाद
न्यायालय लंबित वाद
डीएम एटा 440
एडीएम वित्त और राजस्व 152
एडीएम प्रशासन 304
एडीएम न्यायिक 262
एआईजी स्टांप 28
एएसडीएम 145
एसडीएम एटा 407
एसडीएम जलेसर 495
एसडीएम अलीगंज 96
तहसील जलेसर 432
तहसील एटा 1527
तहसील अलीगंज 162
कहते हैं आंकड़े
78243 वाद हुए हैं दर्ज
71196 वादों का हो चुका निस्तारण
4450 वाद पड़े हैं लंबित
2598 वाद किए गए स्थानांतरित