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एटा पहुंचने की तैयारी में हैं अब शिक्षामित्र

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काली पट्टी बांधकर पढ़ाते श‌िक्षा‌म‌ित्र - फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। एटा में निहत्थे शिक्षामित्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज की शिक्षामित्रों ने निंदा की है। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने शनिवार को काली पट्टी बांध कर विरोध प्रकट किया। वहीं, गोपनीय तरीके से आंदोलन की रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। कुछ शिक्षामित्रों ने शनिवार को ही एटा जाने की तैयारी कर रखी थी लेकिन उन्हें जनपदीय पदाधिकारियों ने रोक दिया।

शुक्रवार को एटा में प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज की थी। इसमें 30 शिक्षामित्र घायल हो गए थे। कई शिक्षामित्रों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हेम सिंह यादव ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि एटा में निर्दोष शिक्षामित्रों को रिहा किया जाए। उन पर हमला करने वाले पुलिस अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज हो।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एटा के शिक्षामित्रों के साथ न्याय नहीं किया गया तो प्रदेश भर का शिक्षामित्र एटा में पहुंचकर आंदोलन करेंगे। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष शुभम शक्ति भदौरिया ने कहा कि सरकार के इशारे पर एटा की पुलिस ने सोची समझी रणनीति के तहत महिलाओं पर लाठी चार्ज किया। सरकार को इसका परिणाम भी भुगतना होगा। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने शनिवार की सुबह पहले एटा जाने का प्लान भी तैयार किया था लेकिन बाद में प्रदेश नेतृत्व के रोकने के बाद जनपद में ही काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।

शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की प्रदेश महिला प्रभारी सुमन यादव व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने एक दर्जन साथियों के साथ एटा पहुंचकर हिरासत में लिए गए शिक्षा मित्रों से उनका हाल जाना। सुमन यादव ने कहा कि एटा के प्रशासन को अवगत करा दिया गया है कि यदि शिक्षा मित्रों पर झूठे मुकदमे लगाए गए तो एटा में प्रदेश भर का शिक्षा मित्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। वही जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने हर मुसीबत में साथ देने का भरोसा दिया।

शिक्षामित्र अजय यादव ने कहा कि एटा के शिक्षामित्रों पर हमला, मानवीयता का तार-तार कर रहा है। महिला शिक्षामित्रों पर लाठी बरसाई गईं। ये घटना बहुत ही निंदनीय है। मुख्यमंत्री को हमला करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

शतन पांडेय का कहना है कि एटा के पुलिस प्रशासन ने शिक्षा मित्रों पर लाठी चार्ज कर दिखा दिया है कि ये महिलाओं की सुरक्षा करने वाली यह सरकार महिलाओं को ही वेइज्जत कर रही है। ऐसी सरकार को इसका परिणाम भुगताना होगा।

विनीत चौहान ने कहा कि एटा में शिक्षामित्र शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने जा रहे थे। पुलिस ने महिला शिक्षामित्रों पर लाठियां बरसाईं जो लोकतंत्र की हत्या है। ऐसे लोगों को प्रदेश भर के शिक्षामित्र मिलकर सबक सिखाने का कार्य करेंगे।
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प्रदेश महिला प्रभारी सुमन यादव ने कहा कि सरकार के लोग शिक्षा मित्रों को न्याय देने के स्थान पर उन पर लाठियां बरसा रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व से बात जारी है। शीघ्र ही एटा आंदोलन के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। एटा की घटना ने पुलिस प्रशासन को शर्मशार किया है।
 
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