सरकारी एंबुलेंस के कमीशनखोर सात कर्मचारियों को कंपनी ने बर्खास्त कर दिया है। इन पर निजी अस्पताल में मरीज भर्ती कराने और जीपीएस से छेड़छाड़ के आरोप थे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कंपनी ने यह कार्रवाई की है।
108 एंबुलेंस सेवा के तीन कर्मचारियों पर दुर्घटना में घायल होने पर मरीज को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल में भर्ती के आरोप लगे थे। इसके अलावा 102 एंबुलेंस के चार कर्मचारियों ने वाहन में लगे जीपीएस से छेड़छाड़ की थी।
सोमवार को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मामले की जांच करने के लिए लखनऊ से कंपनी के अधिकारी आए। कंपनी के ट्रैकिंग सिस्टम के जरिये पड़ताल की गई। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आने के बाद संबंधित मरीजों से इसकी जानकारी की गई तो स्टाफ की करतूत पकड़ में आई।
तकनीकी टीम की जांच में एंबुलेंस में लगे जीपीएस में भी टैंपरिंग मिली। इसकी रिपोर्ट लखनऊ स्थित जीवीके-ईएमआरआई कंपनी के मुख्यालय भेजी गई। कंपनी ने तत्काल प्रभाव से सातों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।
मिथिलेश त्रिपाठी, प्रभारी आगरा जोन, 102, 108 एंबुलेंस सेवा ने बताया कि जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर एंबुलेंस सेवा के सातों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। कोई भी नियमावली के खिलाफ कार्य करेगा तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
राजीव चौधरी प्रभारी आगरा,102, 108 एंबुलेंस सेवा ने बताया कि एंबुलेंस सेवा के सातों कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट कंपनी के मुख्यालय भेज दी गई है। कंपनी ने तत्काल प्रभाव से इनको बर्खास्त कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.मुकेश वत्स का कहना है कि एंबुलेंस सेवा को बेहतर संचालन के लिए कंपनी को निर्देश दिए हैं। इसकी शासन को भी रिपोर्ट भेजी है। कंपनी की कार्रवाई से गलत काम करने वाले स्टाफ में डर भी बैठेगा।
प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज भर्ती कराने के दोषी
- संजीव यादव, 108 एंबुलेंस सेवा फतेहाबाद
- अवधेश कुमार, 108 एंबुलेंस सेवा बसई अरेला
- राहुल कुमार, 108 एंबुलेंस सेवा फतेहाबाद
एंबुलेंस में लगी जीपीएस में छेड़छाड़ के दोषी
- देवेंद्र कुमार सिंह, 102 एंबुलेंस सेवा शमसाबाद
- नारायण प्रकाश पांडे, 102 एंबुलेंस सेवा शमसाबाद
- शिवपाल सिंह, 102 एंबुलेंस सेवा एत्माउद्दौला
- नितिन कुमार, 102 एंबुलेंस सेवा एत्माउद्दौला