रोडवेज बस स्टैंड पर नेत्र परीक्षण के दौरान बैठे वाहन चालक।
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कासगंज। यातायात विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में नित नई कार्रवाई जुड़ती जा रही है। जांच में सात वाहन चालक आंखों की रोशनी कम होने के कारण वाहन चलाने के योग्य नहीं पाए गए हैं। एआरटीओ ने उन्हें चश्मे की बाध्यता करते हुए निर्देश दिए हैं कि चश्मा लगाने के बाद ही वाहन चलाएं। इधर दो एंबुलेंस जांच में बिना फिटनेस के दौड़ती पाई गईं। इसके लिए एआरटीओ ने सीएमओ को पत्र भेज दिया है।
द्वितीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत परिवहन विभाग अभियान चला रहा है। इस सप्ताह के अंतर्गत पांचवें दिन रोडवेज बस स्टैंड पर वाहन चालकों के नेत्र का परीक्षण हुआ। देखा गया कि परिवहन निगम की बस चलाने वाले चालक आंखों की रोशनी से वाहन चलाने के योग्य हैं या नहीं। जांच में पाया गया कि सात चालकों की आंखों की रोशनी कम है।
इन्हें नेत्र विशेषज्ञों ने चश्मों के नंबर बताए। एआरटीओ ने कहा कि जब तक चश्मा तैयार नहीं करा लेते तब तक वाहन न चलाएं। इधर एंबुलेंस की फिटनेस की भी जांच की गई। बिना फिटनेस के सरकारी एंबुलेंस दौड़ती पाई गईं। एआरटीओ राजेश राजपूत ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिख दिया गया है। जिससे एंबुलेंस की फिटनेस करा लें। उन्होंने बताया कि स्कूलों में सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रतियोगिताएं भी कराई जा रही हैं।