आगरा में फर्म के 75 हजार शेयर नाम करने का झांसा देकर 63.75 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने अपने बड़े भाई और भतीजे के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि रकम लेने के बाद शेयर हस्तांतरण की प्रक्रिया टालते रहे और बाद में मूल प्रमाणपत्र व नामांतरण से इनकार कर दिया।
आगरा के हरीपर्वत थाने में पुरानी विजय नगर काॅलोनी निवासी रवि शंकर ने कोर्ट के आदेश पर राजीव गुप्ता और मुदित शंकर अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बड़े भाई और भतीजे पर फर्म के शेयर नाम करने का झांसा देकर 63.75 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
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रवि शंकर ने अपनी शिकायत में कहा कि वह आरोपियों के छोटे भाई हैं। बड़े भाई राजीव गुप्ता ने जून 2020 में खुद को मधुसूदन व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड के 75 हजार शेयर का स्वामी बताया। उनसे कहा कि वह अगर 85 रुपये के हिसाब से प्रत्येक शेयर खरीदते हैं तो कंपनी के डायरेक्टर से शेयर हस्तांतरण व नामांतरण की कार्रवाई कर देंगे। इस पर वह तैयार हो गए। 63.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
उन्होंने एग्रीमेंट बना दिया। बाद में शेयरों के मूल प्रमाणपत्र खोने के बारे में बताया। शेयर ट्रांसफर की कार्रवाई के लिए वो बार-बार कहते रहे लेकिन बड़े भाई टालते रहे। बाद में पता चला कि राजीव गुप्ता ने कोई कार्रवाई नहीं की है। दिसंबर 2025 में भाई और भतीजे मुदित ने शेयर्स हस्तांतरण का मूल प्रमाणपत्र और शेयरों के नामांतरण से मना कर दिया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि जो भी दस्तावेज लेन-देन से संबंधित हैं, उनकी जानकारी ली जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।