वृंदावन (मथुरा)। मोतीझील स्थित स्वामी अखंडानंद आश्रम में आयोजित जगद्गुरु श्री बल्लभाचार्य जयंती पर प्रात: आचार्य श्री की दिव्य छवि का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन-अर्चन किया गया।
विद्वत संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आचार्य विष्णु चतुर्वेदी ने कहा कि आचार्य भगवत स्वरूप होते हैं। भगवान श्रीकृष्ण रस स्वरूप है। पूरा ब्रज ही ठाकुर जी स्वरूप है। ब्रह्मर्षि राजा बाबा ने बल्लभाचार्य जी के जीवन पर प्रकाश डाला। विपिन हरि चतुर्वेदी, स्वामी श्रवणानंद सरस्वती, स्वामी सच्चिदानंद, डा. स्वामी गोविंदानंद, अभेदानंद, महेशानंद, भक्तमाल दास, अखिलेश, सुरेंद्र भाई शाह, रामोतार, मनोज मोहन आदि मौजूद रहे। संचालन स्वामी सेवानंद ने किया।