मथुरा। महज सात साल पहले बने छटीकरा-राल पुल में अभी से दरार आने लगी हैं। यह दरारें खुद पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने निरीक्षण के दौरान देखीं। भले ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इन्हें मामूली बता रहे हैं, लेकिन इसमें तत्काल सुधार कराने जाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शासन के आदेश पर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर केके राठौर और अधीक्षण अभियंता योगेश पवार ने जनपद के सभी बड़े पुलों का स्थानीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इसमें आठ पुल पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत हैं।
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बाकी दो पुल मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार कराए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के आठ पुलों के निरीक्षण के दौरान छटीकरा-राल पुल में मामूली दरार नजर आई हैं। इसका निर्माण 2012 में किया गया था।
यमुना पर चुरमुरा घाट और कंजौली घाट पर बने पुलों की सड़कों पर गड्ढे मिले हैं। इसके अलावा छावनी रेलवे स्टेशन और जंक्शन रेलवे स्टेशन के मध्य मुर्गा फाटक पुल तथा यमुना पर लक्ष्मीनगर को जाने वाले नवनिर्मित पुल को भी देखा। ये दोनों ही पुल हाल ही में तैयार हुए हैं।
शेरगढ़ पुल और यमुना पुल की सड़क में गड्ढे मिले हैं। निरीक्षण रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बताया जाता है कि कई पुलों में गड़बड़ी सामने आई है। यह पूरी रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
ये हैं जिले के बड़े पुल
-गोकुल बैराज, मुर्गा फाटक, छटीकरा-राल, चुरमुरा घाट, कंजौलीघाट, गोविंद नगर फाटक, वृंदावन सौ फुटा, छाता-शेरगढ़ पुल, वृंदावन-मांट-डांगौली, यमुना पर नया पुल