मैनपुरी। पंचायत सचिवों ने भ्रष्टाचार की की इंतहा कर दी। कोई शौचालय की धनराशि का गबन कर रहा है तो कोई विकास कार्यों के लिए आने वाली पूरी धनराशि का ही गोलमाल कर लेता है। जानकारी के बाद केवल जांच चलती रही है। ऐसे ही लाखों के घोटाले में पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है।
विकास खंड कुरावली में तैनात पंचायत सचिव राजीव कुमार दुबे ने कई ग्राम पंचायतों में विकास निधि का गबन कर लिया। सालों बाद अब विभाग को इसकी जानकारी हो पाई है। वर्ष 2015-16 में कुरावली की ग्राम पंचायत बिछिया विक्रमपुर में अंत्येष्टि स्थल के निर्माण के लिए 13.09 लाख की धनराशि भेजी गई थी। सचिव ने इस धनराशि को तो आहरित कर लिया, लेकिन अंत्येष्टि स्थल का निर्माण ही नहीं कराया।
इसके अलावा ग्राम पंचायत बल्लमपुर के गांव अंतपुर में शौचालयों का निर्माण न करवाकर दो लाख रुपये की धनराशि का गबन कर लिया। गबन का ये सिलसिला यहीं नहीं रुका, विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत मोहब्बतपुर में भी सचिव राजीव कुमार दुबे ने चार शौचालयों की 48 हजार रुपये की धनराशि का गबन कर लिया। इसके अलावा सचिव आईजीआरएस पर आईं 33 शिकायतों में डिफॉल्टर हैं। आज तक विभाग ने जितने भी नोटिस जारी किए गए किसी का भी जवाब नहीं दिया गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए डीपीआरओ ने राजीव दुबे को निलंबित कर दिया है। उनके द्वारा किए गए गबन की जांच परियोजना अधिकारी नेडा संजय वर्मा करेंगे।
आवास योजना में अपात्रों को पहुंचाया लाभ
इंदिरा आवास योजना में अपात्रों को लाभ पहुंचाने में भी सचिव राजीव कुमार दुबे पीछे नहीं रहे। उन्होंने गांव बिछिया विक्रमपुर निवासी अंजना देवी व नगला नंदे निवासी आशा देवी का चयन गलत तरीके से कर दिया। कहने के बाद भी इन्हें सूची से बाहर नहीं किया गया।