भोगांव। कस्बा में स्थित सोमनाथ सरोवर शासन की उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है। देखरेख के अभाव में सरोवर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इस संबंध में कस्बे के लोगों ने कई बार अधिकारियों और राजनेताओं को बताया, लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
शासन की ओर से कोई भी ध्यान नहीं दिए जाने और अधिकारियों की उदासीनता के कारण कस्बे के दबंग लोगों ने भी सरोवर पर अपना अस्तित्व स्थापित कर लिया है। लोगों ने सिंघाड़ा उत्पादन के लिए सरोवर को कई भागों में विभाजित कर पट्टे तक करा लिए हैं।
लोग ट्रकों को सरोवर के किनारे खड़ा कर सिंघाड़ा को भरते हैं। इस कारण इसके किनारे भी टूट गए। साथ ही धीरे-धीरे कस्बे की आबादी भी बढ़ती चली गई। इससे ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ा गया। इसका समाधान भी तालाब में सीवेज डालकर किया गया। इससे तलाब और भी बदहाल होता चला गया। इतना ही नहीं लोगों ने पट्टे की जमीन को बेचना भी शुरू कर दिया। लोगों ने मुख्यमंत्री से तालाब को कब्जामुक्त कराने और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।