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विद्युत निजीकरण के विरोध में उतरे कर्मचारी

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विद्युत निजीकरण के विरोध में उतरी संयुक्त संघर्ष समिति - फोटो : अमर उजाला
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एटा। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को संयुक्त संघर्ष समिति ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। साथ ही ऐलान किया कि आदेश वापस न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
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प्रदेश के पांच शहरों एवं सात जिलों की विद्युत व्यवस्थाओं के निजीकरण के विरोध में अधिकारियों-कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में अधीक्षण अभियंता एके जैन, अधिशाषी अभियंता जगतराम, सोपाली सिंह, एके सिंह, उपखंड अधिकारी विजय शंकर, योगेश कुमार, अभय प्रताप, सौरभ त्रिपाठी सहित 12 से अधिक अवर अभियंताओं ने भी प्रतिभाग किया।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के इं. सुरेंद्र सिंह ने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की निजीकरण नीति का पूरा विरोध किया जाएगा। संगठन सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आदेश वापस होने तक उनका विरोध एवं संघर्ष जारी रहेगा। जिला सचिव नीलेश मौर्या ने निजीकरण के बाद बढ़ने वाली समस्याओं एवं उपभोक्ताओं-कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों की जानकारी दी। जूनियर इंजीनियर संगठन के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि सरकार जब तक निजीकरण का आदेश वापस न होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। धरने में शामिल कार्मिकों में अवर अभियंता वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मनीष कुमार, शक्ति कुमार, ओमपाल सिंह, राहुल कुमार, दयाशंकर, कैलाश वर्मा, प्रवीन प्रताप, अरविंद कुमार आदि उपस्थित रहे।
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ठप रहा कार्य, परेशान दिखे लोग
एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के चलते मंगलवार को विभागीय कार्य पूरी तरह से ठप रहे। अधिकारी कर्मचारी कार्यालयों के बजाय धरना स्थल पर दिखाई दिए। ऐसे में उपभोक्ता परेशान रहे। विभिन्न कार्यो को लेकर ग्रामीण अंचल से पहुंचे उपभोक्ता भी भटकते दिखाई दिए। काम तो दूर इनकी सुनने वाला भी कोई नहीं था।

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
कासगंज। पांच जिलों में विद्युत व्यवस्था का निजीकरण करने के विरोध में विद्युत विभाग के अभियंताओं और कर्मियों ने बिगुल फूंक दिया है। आंदोलनकारी कर्मियों ने कहा कि निजीकरण का निर्णय सरकार ने वापस नहीं लिया तो आंदोलन तीव्र होगा। अभियंता और कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को मजबूर होंगे।
विद्युत वितरण मंडलीय कार्यालय पर संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत अभियंताओं और कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है। यदि सरकार निजीकरण की प्रक्रिया को नहीं रोकती तो आंदोलन तीव्र किया जाएगा। आंदोलन के दौरान राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन, प्रमोटेड पॉवर इंजीनियर एसोसिएशन, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, विद्युत तकनीकि कर्मचारी संघ, विद्युत मजदूर पंचायत के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। आंदोलन का दमन किया गया तो सभी कर्मी बिना कोई नोटिस दिए अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। अधीक्षण अभियंता हरिमोहन, अधिशासी अभियंता अनिल कुमार शर्मा, सत्यदेव सिंह, राजकुमार सिंह एवं उपखंड अधिकारी राजवी कुमार, विक्रांत, महावीर सिंह, आफताब आलम, अवर अभियंता शैलेंद्र सारस्वत, वीर बहादुर, अनिल कुमार भास्कर, एमके शर्मा, केके सक्सेना, सुनील पुंडीर, जमील, अहमद, पंकज शर्मा, मोहित कुमार तथा विद्युत विभाग के समस्त स्टाफ व संविदा कर्मी मौजूद रहे।
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