एटा। जिले के वरिष्ठ और कद्दावर नेता हरनाथ सिंह यादव को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा ने हरनाथ सिंह यादव को प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। रविवार देर शाम सूची फाइनल होने के बाद हरनाथ सिंह यादव के समर्थकों और जिले के भाजपाइयों में हर्ष की लहर दौड़ गई।
जिले में राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले हरनाथ सिंह यादव मूल रूप से मैनपुरी के गांव गोपालपुर के निवासी हैं। कुछ दशक पहले वह एटा के गांव लालगढ़ी में अपनी बुआ के घर आ गए और यहीं बस गए। हरनाथ सिंह के राजनीतिक करियर की शुुरुआत वर्ष 1968 से विद्यार्थी परिषद से हुई। वर्ष 1969 में उन्होंने कासगंज तहसील और 1971 से 1977 तक लखीमपुर खीरी में जिला प्रचारक की भूमिका निभाई।
इसके बाद जनता पार्टी में उन्हें वर्ष 1977 से 1980 तक किसान मजदूर मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। 1981 में हरनाथ सिंह को भाजपा के अलीगढ़ आगरा विभाग का संगठन मंत्री, 1987 में भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। 1992 में वह फिर से किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद 1994 से 1996 तक हरनाथ सिंह को भाजपा ने प्रदेश महामंत्री का दायित्व सौंपा।
1996 में हरनाथ सिंह ने भाजपा का दामन छोड़कर निर्दलीय आगरा खंड से स्नातक विधान परिषद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2002 में वह सपा से एमएलसी चुनाव जीते। 2008 में सपा से टिकट कटने पर उन्होंने एक बार फिर निर्दलीय ताल ठोकी। हालांकि इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। देश में मोदी सरकार बनने के बाद वह भाजपा में आ गए और किसान मोर्चा का जिम्मा संभाला। अब भाजपा ने हरनाथ सिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। इसे लेकर जिले के भाजपाइयों में हर्ष की लहर है।