आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड वर्ष 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात 234 शिक्षक तलाशे गए हैं। चुनाव बाद (22 नवंबर) इनको बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। एक हफ्ते का समय पक्ष रखने के लिए दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद सचिव संजय सिन्हा ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को इस बाबत पत्र भेजा है। जिन जिलों से एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई गई बीएड की 4570 फर्जी प्रमाणपत्राें से शिक्षकों की अंक तालिकाओं का मिलान करके सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई, उनके प्रति नाराजगी जाहिर की है। पत्र जारी होने तक आगरा की सूची भी नहीं भेजी गई थी। बाद में 234 चिह्नित शिक्षकों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।
सचिव ने पत्र के साथ कारण बताओ नोटिस का प्रोफार्मा भी जारी किया है। यह बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से चिह्नित किए गए फर्जी शिक्षक के नाम से जारी किया जाएगा। इसमें शिक्षक का पदनाम, कार्यरत विद्यालय का नाम, सर्विस बुक में अंकित पता की जानकारी देनी होगी। शिक्षक को बताया जाएगा कि एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई सूची के मुताबिक उनका बीएड का प्रमाणपत्र फर्जी है।
शिक्षक को अपना लिखित अभिकथन पत्र जारी होने के एक हफ्ते के अंदर बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। जवाब के आधार पर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा, जो शिक्षक जवाब नहीं देगा, माना जाएगा कि उसे कुछ कहना नहीं है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता का कहना है कि सूची सचिव को भेज दी गई है। 22 नवंबर के बाद चिह्नित शिक्षकों को निर्धारित प्रोफार्मा पर कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा।