मैनपुरी। निजी अस्पतालों पर आए दिन हो रही घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गहनता से जांच का निर्णय लिया है। जांच के दौरान पाया गया है कि जिले में संचालित 55 निजी अस्पताल, क्लीनिक और जांच केंद्र ऐसे हैं जहां जनपद के बाहर के डॉक्टर के नाम से पंजीकरण है। सीएमओे ने संबंधितों को नोटिस जारी कर डॉक्टरों को उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टर के उपस्थित न होने पर पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी दी है।
जिले में 105 निजी अस्पताल, क्लीनिक और जांच केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 55 अस्पताल और जांच केंद्र ऐसे हैं जिनके द्वारा बाहरी जनपदों में कार्यरत डॉक्टरों के नाम से पंजीकरण कराया गया है। विभागीय जांच के दौरान ये डॉक्टर जनपद में उपस्थित नहीं मिले हैं ऐसे में विभाग ने संबंधित अस्पतालों, क्लीनिकों और जांच केंद्रों को नोटिस जारी किया है।
चेतावनी दी गई है कि वे जिस डाॅक्टर के नाम से पंजीकरण है उसे एक बार उनके कार्यालय तक लेकर आएं इससे कि उनके पंजीकरण को सही माना जा सके। सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि डॉक्टर उनके सामने उपस्थित नहीं होता है तो माना जाएगा कि डॉक्टर यहां आता ही नहीं है और उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
डॉक्टर को देना होगा शपथ पत्र
सीएमओ ने बताया कि पंजीकृत डॉक्टर से भी एक शपथ पत्र लिया जाएगा कि वो पंजीकरण में दर्ज शर्तों और समय के अनुसार संबंधित केंद्र पर मौजूद रहेगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पंजीकृत डॉक्टर का निवास संबंधित अस्पताल से कितनी किमी दूरी पर है। 30 किमी से अधिक दूरी पर निवास करने वाले डॉक्टर का पंजीकरण मान्य नहीं किया जाएगा।
पिछले कुछ समय से निजी अस्पतालों पर प्रसव और ऑपरेशन के दौरान लोगों की मौत की जानकारी मिली है। इसे देखते हुए निजी अस्पताल, क्लीनिक और जांच केंद्रों की जांच कराई जा रही है। कि पंजीकृत डाॅक्टर वहां आता भी है कि नहीं। यदि पंजीकृत डॉक्टर नहीं आएगा तो संबंधित का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। -डॉ.आरसी गुप्ता, सीएमओ