कासगंज। भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से लाखों रुपये का घोटाला सामने आया है। केंद्र संचालक उपभोक्ताओं के खातों से लाखों रुपये निकालकर फरार हो गया है। उपभोक्ता उसे तलाश रहे हैं, लेकिन उसका कोई ठिकाना नहीं मिला। सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण शाखा में तमाम फरियादियों ने शाखा प्रबंधक के समक्ष अपनी पीड़ा बयां की। वहीं स्टेट बैंक की अधिकृत कंपनी ने भी शिकायत का संज्ञान में लेते हुए घोटाले की जांच शुरू कराई है।
करीब तीन साल पहले कासगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव गोरहा में स्टेट बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र खुला। ग्राहक सेवा केंद्र के लिए अधिकृत की गई कंपनी ओरियल की संस्तुति पर स्टेट बैंक ने ग्राहक सेवा केंद्र की स्वीकृति दी। क्षेत्र के ही गांव नगला सुरजी निवासी अर्जुन के नाम यह केंद्र स्वीकृत हुआ। यहां केंद्र संचालक ने शून्य बैलेंस पर खाता खोलना शुरू किया। क्षेत्र कें सैकड़ों लोगों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए इस केंद्र पर खाते खोले। उसके बाद खातों में लेनदेन भी शुरू हुआ। तमाम आशा कार्यकर्ताओं का पारिश्रमिक भी इन खातों में आया। कुछ दिनों तक तो केंद्र संचालक ने लेन देन सही किया।
उसके बाद उसने काफी दिनों तक के लिए केंद्र बंद रखा। उपभोक्ता उससे संपर्क करते तो वह अपने घर से ही कुछ लोगों को धनराशि निकासी कर देता था। तमाम उपभोक्ता तो ऐसे रहे जो पूंजी जुटाने के लिए यहां धनराशि जमा करते रहे, लेकिन 15 दिन पहले से केंद्र संचालक ने मोबाइल बंद कर लिया और गांव से फरार हो गया। करीब 5 दिन पहले उपभोक्ताओं के मोबाइल पर धन निकासी के मैसेज आने लगे। उपभोक्ताओं ने जब भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर संपर्क किया तो पता चला कि खातों में धनराशि शून्य है। किसी के 10 हजार तो किसी के 50 हजार रुपये गायब थे। यह देख उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। उपभोक्ताओं ने भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया। यहां पता चला कि इस केंद्र को स्वीकृत कराने के लिए एक कंपनी अधिकृत है। उपभोक्ताओं ने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया तो कंपनी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आंकड़े-
- 500 से अधिक उपभोक्ताओं के खातों से गायब है धनराशि।
- 10 लाख रुपये से अधिक का किया गया है घोटाला।
- उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा बताई है। तमाम उपभोक्ताओं ने अपने खाते भी बंद करा दिए हैं। उनके खातों में धनराशि शून्य है- आरके सिंह, प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, ग्रामीण शाखा।
- खातों से धनराशि निकासी की शिकायत मिली है। मामले की जांच शुरू कराई गई है। यदि घोटाला साबित हुआ तो केंद्र संचालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई कराएंगे- विक्रम सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, ओरियल कंपनी।