मैनपुरी। लोकसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार में भाजपा ने इस बार खुलकर खर्चा किया तो वहीं समाजवादी पार्टी पीछे रही। चाहे कुल चुनावी खर्च की बात हो या फिर वाहनों की दोनों ही मामलों में भाजपा ने दिल खोलकर खर्चा किया है। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में किसी भी प्रत्याशी को 70 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति दी है।
इसमें प्रत्याशी के पोस्टर बैनर से लेकर, वाहन, जनसभा आदि का खर्च भी शामिल है। व्यय परीक्षक द्वारा समय-समय पर प्रत्याशियों के व्यय रजिस्टर की जांच भी की जाती है। 15 अप्रैल को हुई व्यय रजिस्टर की जांच के बाद पता चला कि सपा प्रत्याशी ने कुल 20 लाख 82 हजार 46 रुपये खर्च किए हैं तो बीजेपी प्रत्याशी ने 26 लाख 67 हजार 526 रुपये का कुल खर्चा किया है। ऐसे में बीजेपी प्रत्याशी इस बार चुनावी खर्च में आगे हैं।
भाजपा ने अब तक प्रशासन से कुल 96 प्रचार वाहनों की अनुमति ली है तो वहीं सपा प्रत्याशी की ओर से कुल 48 प्रचार वाहनों की ही अनुमति ली। इन आंकड़ों से एक बात तो साफ है कि इस बार भाजपा चुनाव में खर्च करने में कंजूसी नहीं कर रही है।
तीन दिन पहले ही सपा व भाजपा की ओर से जिन वाहनों की अनुमति ली गई थी, उनमें से कुछ की अनुमति निरस्त भी कराई गई है। जिसमें बीजेपी ने 14 वाहनों की अनुमति निरस्त कराई तो वहीं सपा ने दो वाहनों की अनुमति 18 अप्रैल को निरस्त कराई है।