फिरोजाबाद। ताज संरक्षित क्षेत्र में व्हाइट कैटेगिरी में कम उद्योग शामिल हैं। औद्योगिक संगठनों की मांग पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा व्हाइट कैटेगिरी में 36 की जगह 156 उद्योग शामिल करने की मंजूरी दे दी, लेकिन 15 दिन बाद भी सीपीसीबी का कोई आदेश विभाग को नहीं मिला।
ताज संरक्षित क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के कारण केवल व्हाइट कैटेगिरी में उद्योग लगाने की अनुमति दी गई है। व्हाइट कैटेगिरी में वर्तमान में 36 उद्योग ही शामिल हैं, जबकि ग्रीन कैटेगिरी में 56 उद्योग रखे गए हैं। टीटीजेड में नए उद्योग न लगने से उद्योग के विकास का पहिया पूरी तरह थम गया है।
फिरोजाबाद में भी 2015 से नए कांच उद्योग व क्षमता विस्तार पर रोक लगी है। करोड़ों रुपये का निवेश होने के बाद भी औद्योगिक इकाइयां अभी तक चालू नहीं हो पा रही हैं। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने बताया था कि सीपीसीबी द्वारा ग्रीन व व्हाइट कैटेगिरी में बदलाव किया है।
इस कैटेगिरी में 36 की जगह अब 156 उद्योग शामिल होंगे। जबकि ग्रीन कैटेगिरी में 56 की जगह 28 उद्योग शामिल होंगे। सीपीसीबी द्वारा व्हाइट कैटेगिरी में उद्योगों की संख्या बढ़ाने से सुहागनगरी के उद्यमियों को आस थी कि यहां भी सालों से बंद पड़ी इकाइयां चालू होने से लोगों को रोजगार मिलेगा, परंतु व्हाइट कैटेगिरी में बदलाव के संबंध में कोई आदेश उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण को नहीं मिला है।
विभागीय अफसर साइट पर भी आदेश खोज रहे हैं, परंतु वहां भी ऐसा कोई आदेश नहीं मिला। सीपीसीबी द्वारा व्हाइट कैटेगिरी में क्या बदलाव किया है, इसमें बारे में अभी तक विभाग को कोई लिखित में आदेश नहीं मिला है। हमने साइट पर भी कई बार चेक किया है, परंतु वहां भी कुछ नहीं मिला।