निलंबित बाबू पर मेहरबान पालिका
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एटा। नगर पालिका एटा में खुलेआम शासनादेशों और नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। पालिका में निलंबन के बाद भी एक लिपिक कुर्सी पर जमा हुआ है। आलम यह है कि पालिकाध्यक्ष ने महज कागजों पर बाबू का निलंबन कर दिया है। गबन करने वाले बाबू पर पालिकाध्यक्ष और प्रशासन की मेहरबानी से साफ जाहिर है कि दाल में कुछ काला है।
पालिका में तैनात लिपिक निरंकार सिंह यादव को 19 जून को पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी ने गबन के आरोप के चलते निलंबित कर दिया था। मगर पालिका कार्यालय में लिपिक अब तक कुर्सी पर जमा है। बाबू से अब तक चार्ज नहीं छीन सका है। बता दें कि लिपिक निरंकार सिंह यादव के खिलाफ फर्जी मार्कशीट प्रकरण में जांच चल रही है। साथ ही प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग की शिकायत के बाद वेतन भी रोक दिया गया है, लेकिन निलंबन के बाद भी लिपिक से कुर्सी का मोह नहीं छूट रहा है। साथ ही पालिका के अधिकारी और प्रशासन लिपिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
अब तक दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
अनुपम कामर्शियल कांपलेक्स मामले में उक्त लिपिक और पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। डीएम के आदेश के बाद भी पालिका और प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
एएसडीएम अब तक नहीं रिलीव
शासन के आदेश के बाद एएसडीएम और प्रभारी ईओ रामदत्त राम को अब तक रिलीव नहीं किया जा सका है। पिछले दिनों मथुरा स्थानांतरण के बाद अब तक एएसडीएम ने जिले में कार्यभार नहीं छोड़ा है।