एटा। लाल गुलाबी चेहरे, मन में उमंग और लबों पर हैप्पी होली। कुछ ऐसे ही जिले भर में होली का त्योहार मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाईयां दीं, तो गले मिलकर आपसी बैर को मिटाने का संकल्प लिया। परंपरागत तरीके से होलिका दहन कर बुराइयों का अंत किया और रंग के रूप में प्रेम की फुहारें एक-दूसरे पर बरसाईं। जिले भर में पर्व को लेकर लोगों में खासा उल्लास नजर आया।
कई दिनों से चल रही तैयारियों के बाद शुक्रवार को जिले में होली का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। गुरुवार शाम को होलिका पूजन के बाद लोगों ने शुक्रवार की सुबह होलिका दहन किया। इस दौरान शहर के प्रेमनगर, बाबूगंज, रेलवे रोड तिराहा, कटरा मोहल्ला, नन्नूमल चौराहा, होली मोहल्ला, सराय मिश्र समेत जिले भर में सैकड़ों स्थानोें पर होलिका दहन किया गया।
लोगों ने विधिविधान पूर्वक होलिका दहन के दौरान पूजा अर्चना की। साथ ही परिक्रमा करके बुराइयाें का अंत करने का संकल्प लिया। लोगों ने होलिका को नई फसल के रूप में गेहूं की बाली भूनकर एक-दूसरे को वितरित की। रंग खेलने से पहले लोगों ने होलिका को रंग भी समर्पित किया। इसके बाद रंग खेलने का कार्यक्रम शुरू हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाया और गले मिलकर शुभकामनाएं दीं। वहीं लोगों ने घर-घर जाकर होली की शुभकामना देने के साथ पकवानों दही बड़े, गुझिया, सेव, अनरसे का आनंद लिया।
-------------
चौराहों पर तैनात रहा पुलिस बल
त्योहार के मौके पर सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। शहर के कुछ लोग पुलिस जवानों के साथ होली मनाने पहुंचे, लेकिन ड्यूटी पर होने के चलते उन्होंने मना कर दिया।
हर्बल होली का बढ़ा क्रेज
होली पर इस बार जिले में हर्बल क्रेज बढ़ता नजर आया। लोगों गुलाल लगाकर ही होली का जश्न मनाया। पानी की बर्बादी और गीले रंगों से लोग बचते नजर आए।
खूब चला सेल्फी का जादू
त्योहार के मौके पर सेल्फी का जादू बरकरार रहा। रंगे-पुते चेहरों के साथ लोगों ने परिवार और दोस्तों के संग खूब सेल्फी खींची। साथ ही सेल्फी को अपने सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया।
शांति एवं सौहार्द के साथ मनाया गया होली का पर्व
जलेसर। आपसी मतभेद भुला सौहार्द के साथ गले मिलकर लोगों ने रंगों के त्योहार को मनाया।
सुबह काल से ही महिला एवं पुरूष पुराने गम भुलाकर एक दूसरे को गले मिलकर पावन पर्व की बधाई दी। वहीं गुजिया, सेव आदि से एक दूसरों को खिलाकर पर्व का आनंद लिया। डीजे बजने की अनुमति न मिलने एवं जगह-जगह पुलिस फोर्स की व्यवस्था एवं नागरिकों को द्वारा संयम बरतने के चलते सर्किल क्षेत्र में विवाद रहित होली का पर्व मनाया गया। दोपहर के बाद जुमे की नमाज अदा की गई। देर शाम महावीर गंज स्थिति ठठेरो वाली बगीची पर मेला फूल डोल का आयोजन हुआ।
मस्ती के साथ खेली गई होेली
अलीगंज। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में होली का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। होली की आखत के बाद लोगों ने जमकर होली खेली। दो बजे तक पूरा नगर होली के रंग में डूबा हुआ देखने को मिला। विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने अपने आवास नगला मई तथा नगर के मोहल्ला कांशीराम में होली खेली तथा गले मिलकर एक दूसरे को होली की मुबारकबाद दी, वहीं पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने अपने गांव अम्रतपुर में होली का आनंद उठाया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष ब्रजेश कुमार गुप्ता ने अपने आवास मोहल्ला रामप्रसाद चौधरी में होली खेली तथा नगरवासियों को होली की बधाई दी। होली के पर्व पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जुमा की नमाज शांति पूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इसके लिए जगह-जगह पुलिस को तैनान किया।
होली पर्व की मस्ती में झूमा प्रशासन
एटा। होली की मस्ती में शुक्रवार को जिला प्रशासन भी झूमता नजर आया। डीएम आवास पर जमकर होली का जश्न मनाया। डीएम समेत तमाम अधिकारियों ने होली खेली। साथ ही रंग लगाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। सिविल लाइंस स्थित डीएम आवास में डीएम अमित किशोर ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को रंग लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। पहुंचे अधिवक्ताओं और शहर के लोगों ने प्रशासन को त्योहार की बधाई दी। डीएम आवास पर होली के दौरान एसएसपी अखिलेश चौरसिया, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा, एडीएम न्यायिक राम अरज यादव, एसडीएम ब्रजेश कुमार सिंह, विजय कुमार तहसीलदार संजीव ओझा, राकेश कुमार, रत्नेश पांडेय, सुनील कुमार मौजूद रहे।
रंगों के साथ पानी का फॉग
शहर में होली पर पहले युवा रंगों से सराबोर हुए और फिर पानी का फॉग करने में पीछे नहीं दिखे। युवा टोली पानी में मस्ती करती नजर आई। वहीं कस्बा, नगरों के हुरियारे भी समीप के ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेलों पर पानी का आनंद लेते दिखे।
ग्रामीण क्षेत्रों में गूंजी चौपाइयां
होली के त्योहार पर नगर, कस्बा में डीजे की मस्ती थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोक और होली गीतों के साथ चौपाई निकालने को लेकर हुरियारों में उत्साह दिखा। पुरुषों के अलावा महिलाओं ने भी अलग टोलियां बनाकर लोकगीतों की मस्ती के साथ होली खेली। ढोलक, मजीरों और अन्य वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ मस्ती का अलग ही अंदाज था।