फिरोजाबाद। दिवाली प्रकाश का पर्व है, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण जनता को अंधेरे में दिवाली का त्योहार मनाने को मजबूर होना पड़ा। शाम से लेकर देर रात तक कई इलाकों में अंधकार में डूबे रहे।
दिवाली के पांच दिवसीय त्योहार पर उपभोक्ताओं के निर्वाध एवं बेहतर आपूर्ति देने के लिए विद्युत विभाग द्वारा तमाम दावे किए गए थे, लेकिन दिवाली के दिन ही सारे दावे फेल हो गए। इसके लिए विद्युत विभाग द्वारा कई दिनों से तैयारी की जा रही थी। ट्रांसफार्मर, लाइनाें की मेंटीनेंस कराई गई।
तत्काल फाल्ट अटेंड करने को हर बिजलीघर पर टीमें तैनात की गईं। इसके बावजूद विद्युत विभाग समय पर न फाल्ट दूर कर सका और न हीं ट्रांसफार्मरों की ओवर लोडिंग रोक सका। इंडस्ट्रियल विद्युत केंद्र के तहत शाम करीब साढ़े छह बजे झील की पुलिया के निकट लाइन में फाल्ट हो गया।
फाल्ट दूर करने के लिए एसडीओ एसएन सिंह द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया, एसएन, पुरुषोत्तम बिहार तथा यूपीएसआईडीसी का 220 विद्युत उपकेंद्र से शटडाउन मांगा गया, लेकिन 220 बिजलीघर तैनात अफसरों की मनमानी से पहले तो काफी देर तक शटडाउन नहीं मिला। अधीक्षण अभियंता सुनील सक्सेना, एक्सईएन चंद्रशेखर आजाद की सक्रियता के बाद शटडाउन मिला। शटडाउन होने के बाद मेंटीनेंस टीम कार्य शुरू किया। रात करीब नौ बजे सप्लाई सुचारू हो सकी।
विद्युत विभाग द्वारा दिवाली से पूर्व सभी ट्रांसफार्मराें का लोड चेक कराया गया था, जिसे त्योहार के दिन कोई समस्या खड़ी न हो। इसके बावजूद बर्फखाना चौराहे पर स्थित 630 केवी का ट्रांसफार्मर रात में ओवरलोड के कारण फुंक गया। ट्रांसफार्मर से आग की लपटें उठने लगीं। थोड़ी देर बाद ट्रांसफार्मर से जुड़े पूरे क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गया। एक घंटे के बाद विद्युत विभाग को ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना मिली तो ट्राली लगवाकर आपूर्ति सुचारू की गई।