फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला कारागार से 16 शिक्षामित्रों को किया रिहा

विज्ञापन
शिक्षामित्र
विज्ञापन
एटा। पंद्रह दिन बाद शनिवार को जिला कारागार से 16 शिक्षामित्रों को रिहाई मिल गई है। जबकि एक शिक्षामित्र की रिहाई कागजों में कमी होने के चलते नहीं हो सकी है। जेल से रिहाई का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
विज्ञापन

आठ सितंबर को मांगो को लेकर शिक्षामित्रों और पुलिस प्रशासन के बीच पथराव, मारपीट हो गई थी। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन की तरफ से छह महिला सहित17 शिक्षामित्रों को जेल भेजा गया था। उसी को लेकर जनपद न्यायाधीश कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद सभी शिक्षामित्रों की जमानत मंजूर कर दी गई थी। उसी को लेकर शनिवार सुबह से शिक्षामित्रों की रिहाई का सिलसिला शुरु हो गया था। देर शाम तक 16 शिक्षामित्रों को जिला कारागार से रिहा कर दिया गया था। जबकि कागजों में गड़बड़ी के चलते शिक्षामित्र अरुण कुमार की रिहाई नहीं हो सकी। ऐसे में जेल में शेष रहे शिक्षामित्र की सोमवार को रिहाई होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस प्रशासन ने दिखाई सहानुभूति
एटा। शिक्षामित्रों के साथ संघर्ष की घटना के बाद भी पुलिस प्रशासन ने उनके साथ काफी सहानुभूति दिखाई है। बता दें, कि शिक्षामित्रों के लिखाफ दर्ज हुए मामले में जान लेवा हमले की धारा (307) भी दर्ज की गई थी। जिसके चलते शिक्षामित्रों की जेल से रिहाई होना कहीं तक कठिनाई का सामना बन सकता था। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस धारा को मामले से हटाते हुए उनके साथ सहानुभूति दिखाई है। एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि महिला शिक्षामित्र भी मामले में शामिल थी। जिसके चलते जान लेवा हमले की धारा को अलग किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें