गंगा के जलस्तर में रविवार को 15 सेंटीमीटर की और वृद्धि हो गई। तटवर्ती इलाके कई गांव में आबादी के पास तक बाढ़ के पानी की दस्तक पहुंच चुकी है। हालांकि जनजीवन पर अभी कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन पशुओं के चारागाहों और किसानों के खेत में आने जाने के कई इलाके बंद हो गए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। जलस्तर और बढ़ने पर कई गांव में बाढ़ का और खतरा पैदा हो जाएगा।
गंगा में शनिवार को 131133 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज नरौरा बैराज से कछला की ओर था। जिससे गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने लगी है। शनिवार को गंगा का जलस्तर 163.40 के निशान पर था। यह बढ़कर रविवार को 163.55 के निशान पर जा पहुंचा। गंगा में बढ़ रहे पानी ने सहावर इलाके के गांव बमनपुरा, नगला ढाव, किलौनी किसौल व आसपास के इलाकों में बाढ़ के पानी की दस्तक हो चुकी है। गांव की आबादी के पास तक और खाली पड़े चारागाहों में पानी भर जाने के कारण ग्रामीण किसान परेशान हैं। उन्हें डर है कि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ का पानी आबादी में घुस जाएगा और तबाही शुरू हो जाएगी।
चारागाहों में पानी भर जाने के कारण पशुओं के चरने की दिक्कत होने लगी है, वहीं कई इलाकों में खेतों में पानी भर जाने से पशुओं के लिए हरा चारा भी नहीं कट सकेगा। बमनपुरा के प्रधान सत्यप्रकाश ने बताया कि गांव में आबादी के किनारे तक पानी आ चुका है, लेकिन उसका अभी जनजीवन पर कोई असर नहीं है। यदि पानी बढ़ा तो गांव के रास्ते भी अवरुद्ध हो जाएंगे। वहीं बमनपुरा के नन्हेलाल, राजवीर, संतोष, पंकज दीक्षित ने बताया कि अभी पशुओं के लिए चारे का संकट बनने लगा है। पानी और बढ़ा तो कच्चे मकानों के लिए खतरा होगा। गरीब ग्रामीण किसानों के कच्चे मकान और झोंपड़ियां भी बाढ़ की भेंट चढ़ने लगेंगी। जगह जगह पानी भरने से खेतों में आने जाने के रास्ते भी अवरुद्ध हुए हैं।
वहीं जलस्तर में वृद्धि के कारण गंगा के लहरा, कछला और कादरगंज घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए गंगास्नान करना खतरे से खाली नहीं है। कछला गंगाघाट पर रविवार को श्रद्धालु नाव के सहारे गंगा स्नान करते हुए देखे गए। कांवड़ियों की टोलियों को सुरक्षा के साथ स्नान कराया जा रहा है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में जलस्तर की वृद्धि के कारण हड़कंप के हालात हैं।
अगले 24 घंटों में कम होगा पानी
कासगंज। बाढ़ खंड के सहायक प्रभारी एके सिंह ने संभावना जताई है कि अगले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में कमी आएगी और लो फ्लड के हालात सामान्य फ्लड की ओर आ जाएंगे। हरिद्वार और बिजनौर से पानी का दवाब कम हुआ है। जिससे नरौरा बैराज से रविवार को डिस्चार्ज 75592 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। ऐसी स्थिति में जलस्तर घटने की संभावना है।