एटा। योगी सरकार ने ऋण मोचन योजना के तहत लद्यु और सीमांत किसानों की कर्ज माफी की समय सीमा तय कर दी है। इसके चलते जिला प्रशासन और बैंक अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। पहले चरण में कर्ज माफी के दायरे में आए किसानों का कर्ज हर हाल में 15 अगस्त माफ करना होगा। इन किसानों में बैंक खाते से भूलेख और आधार कार्ड लिंक होने वाले किसान शामिल होंगे।
कोअपरेटिव बैंक जिले की 142 बैक शाखाओं में 70 हजार लद्यु एवं सीमांत किसानों का करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। पहले चरण में यह कर्ज माफ होना है। अधिकारियों को 22 जुलाई तक पात्र किसानों के एक लाख रुपये का ऋण माफ करने के लिए आधार नंबर और भूलेख रिकॉर्ड तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करना होगा। कृषि निदेशालय के पोर्टल अपलोड डाटा का 23 से 27 जुलाई तक सत्यापन कराया जाएगा। 27 जुलाई को पोर्टल का डाटा दोबारा जिला स्तरीय अधिकारियों को भेजा जाएगा।
जिला स्तरीय समिति के अधिकारी एक से पांच अगस्त के बीच कर्ज माफी के दायरे में पहले चरण में आए किसानाें की सूची जारी करेंगे। इससे तय होगा कि पहले चरण में कितने किसानों और कितने करोड़ का ऋण माफ होगा। इसके बाद जिला स्तरीय समिति कृषि विभाग के माध्यम से निदेशालय को ऋण माफी के पैसे की मांग भेजेगी। दस अगस्त तक जिला स्तरीय अधिकारियों को पैसा मिल जाएगा। इसके बाद ऋण माफी के लिए सीडीओ और जिला कृषि अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर कर सूची बैंक के नोडल अधिकारियाें को भेजेंगे। इसके बाद बैंक पहले चरण में कर्ज माफी के दायरे में आए किसानों को 14 अगस्त तक कर्ज काफी के प्रमाण पत्र सौंपेंगे।
पहले चरण की कर्ज माफी की सूची में भूलेख और आधार कार्ड लिंक होने वाले किसान शामिल होंगे। दूसरे चरण में आधार लिंक नहीं होने वाले और तीसरे चरण में भूलेख लिंक नहीं होने वाले किसान शामिल किए जाएंगे। किसान बीस जुलाई तक अपने खाते से आधार लिंक करा लें।
सर्वेश कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी