यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल परीक्षा रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हो गया। इस बार रिजल्ट प्रतिशत में काफी गिरावट आई। इंटरमीडिएट में जिले का प्रतिशत 59.76 रहा। जो सन् 2012 के बाद इस बार सबसे कम रिजल्ट है। वहीं हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 61.66 प्रतिशत रहा। वहीं परीक्षा परिणाम में फिर से बेटियों का दबदबा रहा। टॉप-10 में से नौ पर छात्राएं ही रहीं।
शुक्रवार को यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। सबसे पहले सुबह दोस्तों और सहेलियों के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना की। परीक्षा परिणाम को जानने के लिए छात्र छात्राएं काफी उत्साहित दिखे। छात्र-छात्राएं साइबर कैफे और कालेज पहुंचे। करीब एक बजे परीक्षा परिणाम निकलना शुरू हो गया। वहीं, हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम दोपहर दो बजे के बाद घोषित हुआ।
परीक्षा परिणाम जानने के बाद छात्र-छात्राएं खुशी से उछल पडे़। हालांकि बहुत से विद्यार्थियों के हाथ में निराशा भी लगी। इंटरमीडिएट की परीक्षा में पंजीकृत 34482 छात्र-छात्राओं में से कुल 20, 608 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। जबकि 13874 छात्र-छात्रा फेल हो गए। वहीं हाईस्कूल में पंजीकृत 48,350 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिसमें 29817 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि 18,533 परीक्षार्थी फेल हो गए। जबकि वर्ष 2016 की परीक्षा में हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 74.32 प्रतिशत रहा था। वर्ष 2012 की परीक्षा के बाद इस वर्ष सबसे कम परीक्षा परिणाम रहा है।
जिला टॉपर इंटरमीडिएट की छात्रा अपर्णा सिंह और शिवानी यादव रहीं। दूसरे नंबर पर विभानी तो तीसरे स्थान पर रंजना रहीं। बेटियाें द्वारा सफलता चूमने के बाद उनके घर में खुशियां मनाई गई। रिजल्ट की दृष्टि से शिकोहाबाद क्षेत्र काफी अव्वल रहा। फिरोजाबाद शहर में टाप-10 सूची में सिर्फ ब्रजराज कालेज की छात्रा शामिल हुई। फिरोजाबाद शहर से जिन कालेजों के छात्र-छात्राएं टॉपर रहे हैं, योगी सरकार में उन कालेजों का रिजल्ट काफी पिछड़ गया। जसराना और सिरसागंज में रिजल्ट की स्थिति काफी खराब रही। वहीं, हाईस्कूल में भी पीआरटी कालेज की छात्रा गुलशन यादव ने जिला टॉपर किया।