मैनपुरी। जिले की मंडियों में बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले 505 आढ़तियों के विरुद्घ मंडी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मंडी प्रशासन द्वारा चेतावनी के बाद भी इन आढ़तियों द्वारा न तो अवैध कब्जे हटाए गए और नही खरीद बंद की गई। व्यापारियों से भी इन आढ़तियों से खरीद न करने को कहा गया है। वहीं मंडी प्रशासन की शर्त है कि अवैध कब्जा हटाने के बाद ही लाइसेंस नवीनीकृत किए जाएंगे।
मैनपुरी नवीन मंडी के अलावा उपमंडी भोगांव, कुरावली और करहल में आढ़तियों ने मंडियों में अवैध कब्जा कर रखे हैं। चेतावनी के बाद भी कब्जा खाली न करने पर मंडी प्रशासन ने इनके लाइसेंस नवीनीकृत नहीं किए हैं। इसके बाद भी यह आढ़तिया व्यापार कर रहे हैं।
चार मंडियों में केवल 245 आढ़तियों के ही लाइसेंस नवीनीकृत हुए जबकि 505 आढ़तियों के लाइसेंस पर रोक लगा दी गई। लाइसेंस नवीनीकरण न करा आढ़तियों ने जब व्यापार किया तो मंडी प्रशासन ने व्यापार बंद करने की चेतावनी दी, लेकिन इस पत्र का आढ़तियों पर कोई असर नहीं हुआ। अब मंडी प्रशासन ने 505 आढ़तियों के विरुद्घ बिना लाइसेंस कारोबार करने पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
जीएसटी पंजीकरण और टीडीएस छूट होगी निरस्त
नवीन मंडी के सचिव एनके कोहली ने बताया कि बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले आढ़तियों का जीएसटी पंजीकरण निरस्त कराया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही खरीद पर मिलने वाली दो प्रतिशत की टीडीएस की छूट निरस्त की जाएगी। मंडी अधिनियम के अनुसार मुकदमा दायर किया जाएगा।
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किस मंडी में कितने लाइसेंस हुए नवीनीकृत
मंडी का नाम कुल लाइसेंस नवीनीकृत लाइसेंस
-मैनपुरी 400 162
-कुरावली 200 48
-भोगांव 100 35
-करहल 150 00
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मंडियों में अवैध कब्जा हटाने के लिए कई बार निर्देशित करने के बाद भी सुधार नहीं होने पर आढ़तियों के लाइसेंस का नवीनीकरण रोका गया था। बिना लाइसेंस के जो व्यापार कर रहे हैं वह कानूनन अपराध है। उनके विरुद्घ मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
-ऋषिराज, एसडीएम सदर/सभापति मंडी।