रविवार तड़के फारुख के संबंध में हाईवे-एसओजी पुलिस को सूचना मिली कि वह गोवर्धन रोड स्थित गुलमोहर होटल के पास भोले बाबा सत्संग ग्राउंड में है। मौके पर दोनों टीम घेराबंदी को पहुंची। जहां पुलिस पार्टी पर फारुख द्वारा फायरिंग की गई। खुद का बचाव कर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें फारुख को गोली लगी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके कब्जे से लूट की कार सहित पिस्टल, कारतूस 21.88 लाख नकद, लाख की नकदी बरामद हुई है। इससे पूर्व शुक्रवार रात 21.40 बजे गुलमोहर सिटी के पास ड्राइवर मोहसिन खान को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से लूट से संबंधित 2.10 लाख रुपये, अवैध असलाह, कारतूस बरामद हुए हैं। उसे शनिवार को दिन में जेल भेजा था।
फारुख करता था कारोबारी को मुकुट सप्लाई
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि कृष्ण अग्रवाल की वृंदावन स्थित दुकान पर फारुख आर्डर पर मुकुट सप्लाई करता था। फारुख ने ही मोहसिन को कृष्ण अग्रवाल के यहां नौकरी पर रखवाया था। दोनों को कृष्ण अग्रवाल के घर व दुकान की सभी गतिविधियों की जानकारी थी। मोहसिन ने पूछताछ में बताया कि एक माह पहले दोनों ने कृष्ण अग्रवाल के घर लूट की योजना बनाई थी। दो नवंबर को मोहसिन को मालूम हुआ कि कृष्ण अग्रवाल का बेटा गोविंद, बहु व नाती घूमने के लिए बनारस जा रहे हैं तो उसने दोस्त फारुख से वारदात करने को कहा। तीन नवंबर की रात तय योजना के अनुसार फारुख वृंदावन गया। दोनों ने अंदाजा लगाया था कि लूट में करीब एक से दो करोड़ रुपये व एक किलो से अधिक सोना मिलेगा।
दोनों घर की चाबी पहले ही जुटा ली थी। योजना के मुताबिक फारुख घटना वाली रात घर के अंदर प्रवेश किया। वहां बेडरूम में पहुंचा। खटपट की आवाज सुनकर कृष्ण अग्रवाल जाग गए। फारुख ने स्क्रू, पाना, रिंच से कृष्ण अग्रवाल के सिर पर लगातार प्रहार किए। इसी बीच उनकी पत्नी जग कर विरोध करने लगीं। तभी उन पर भी प्रहार कर हत्या कर दी। अलमारियों से नकदी जेवरात थैलों में भरकर एवं सीसीटीवी की डीवीआर निकालकर कृष्ण अग्रवाल की इनोवा गाड़ी लेकर भाग गया। इसके बाद फारुख ने ईंट मंडी में मोहसिन से मुलाकात की। मोहसिन को वहां फारुख ने बताया कि कृष्ण अग्रवाल अभी जिंदा हैं और उनकी पत्नी कल्पना अग्रवाल मर चुकी हैं। इस पर मोहसिन घटना के बाद सुबह 9 बजे अपने ड्यूटी टाइम पर पहुंच गया था ताकि उस पर किसी को शक न हो।