कोलकाता में वर्ष 2012 की करोड़ों के जेवर लूट की वारदात के बाद पुलिस हिरासत से भागा 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी 14 साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने अपना नाम बदल लिया था और कैब चालक बनकर दिल्ली में रह रहा था। एत्मादपुर पुलिस ने गोपनीय सूचना पर उसे दबोचकर जेल भेज दिया।
कोलकाता में 14 वर्ष पहले कोलकाता में हुई डकैती के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम को गच्चा देकर एत्मादपुर क्षेत्र से भागे 50 हजार के इनामी को मंगलवार को एत्मादपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। वह कैब चला रहा था। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर टीम ने छापा मारा। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एसीपी देवेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल में डकैती की घटना हुई थी। शोरूम में घुसे बदमाश सोने और हीरे के जेवरात लूटकर ले गए थे। घटना के खुलासे के लिए स्पेशल टीम बनाई गई थी। घटना में सफारी गाड़ी का प्रयोग हुआ था। कुछ दिन बाद एक आरोपी सुनील को पकड़ा गया था। यह बिहार के गोपालगंज स्थित गांव निचुआ जलालपुर का रहने वाला था। आरोपी को पुलिस टीम दिल्ली से गिरफ्तार कर माल सहित कोलकाता ले जा रही थी।
बक्से में 1 किलोग्राम सोना और हीरे भी थे। पुलिस टीम एत्मादपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुकी थी। आरोपी सुनील कुमार पुलिस की गाड़ी में ही बैठा था। पुलिस कर्मी खाना खा रहे थे। तभी आरोपी पुलिस की गाड़ी लेकर भाग गया था। सूचना पर आई एत्मादपुर पुलिस ने पीछा किया था। टूंडला क्षेत्र में गाड़ी छोड़कर भाग गया था। माल बरामद किया गया था। पुलिस टीम को सम्मानित किया गया था।
तब से सुनील कुमार वांछित चल रहा था। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। उस पर वर्ष 2018 में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ। वर्तमान में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस के साथ ही एसओजी को लगाया गया था। मंगलवार रात को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद आरोपी सुनील को दिल्ली के निगम बौद्ध घाट पार्किंग थाना कश्मीरी गेट से पकड़ लिया गया। वर्तमान में उसने अपना नाम विक्की रख लिया था। कैब चालक बन गया था। लोगों को एक शहर से दूसरे शहर में पहुंचाता था। वह मोहन गार्डन, सैनिक बिहार, फेस 3, थाना नरोला नई दिल्ली में रह रहा था। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।