इससे पहले 325 तालाब रिकॉर्ड से गायब हो चुके हैं। 31 दिसंबर 2020 को जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा की थी। जहां उनके सामने जिले में 3747 तालाबों का विवरण रखा गया था। इसके 17 महीने बाद राजस्व पोर्टल पर 3422 तालाब फीड हुए।
इस तरह 325 तालाबों का राजस्व कर्मियों ने फीडिंग के लिए ब्योरा दर्ज नहीं कराया। इधर, शहर में 75 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य नगर निगम को मिला है। जिनके सापेक्ष निगम महज तीन तालाब चिह्नित कर सका है। जबकि शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक तालाब राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इनमें 30 से अधिक की भूमि पर पक्के निर्माण हो चुके हैं।
फीडिंग में गड़बड़ी
एडीएम प्रशासन अजय कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व पोर्टल पर तालाबों की फीडिंग में गड़बड़ी है। सभी एसडीएम की बैठक बुलाई है। जिन तालाबों का ब्योरा दर्ज नहीं है, उनका ब्योरा मांगा जाएगा। लापरवाही किस स्तर पर है, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
अतिक्रमण की समीक्षा
आगरा के कमिश्नर अमित गुप्ता ने कहा कि तालाबों पर हुए अतिक्रमण की समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। तालाबों से अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।
ऐसे गायब हुए तालाब
- 31 दिसंबर 2020 को जिले में 3747 तालाब थे।
- 22 दिसंबर 2021 को 3742 तालाब रह गए।
- 18 मई 2022 को पोर्टल पर 3422 तालाब बचे।
- 6 जून 2022 को जिले में 3376 तालाब रह गए।
21 कब्जामुक्त तालाब भी गायब
कब्जा व अतिक्रमण मुक्त तालाबों के आंकड़ों में भी हेराफेरी हो गई। 18 मई तक जिले की छह तहसीलों में 2836 तालाब अतिक्रमण मुक्त थे। जिनके ऊपर कोई कब्जा नहीं था। छह जून की रिपोर्ट में अतिक्रमण मुक्त तालाबों की संख्या 2815 रह गई है। ऐसे में 21 कब्जा मुक्त तालाब भी गायब हो गए हैं।