मथुरा। एक अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों का नया शैक्षिक सत्र भी शुरू हो गया। नए सत्र के पहले दिन परिषदीय विद्यालयों के बच्चे खाली हाथ पहुंचे। उनके पास पढ़ने के लिए अभी तक पुस्तक ही नहीं हैं।
जनपद में 1957 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जहां 1.42 लाख छात्र-छात्राएं कक्षा एक से आठ तक पढ़ रहे हैं। शासन की व्यवस्था के तहत इन सभी विद्यालयों में एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया। शासन से अबतक नई पुस्तकों की व्यवस्था न होने पर बच्चे खाली हाथ ही विद्यालय पहुंचे। अब शिक्षक पुरानी पुस्तकों की ही अदला-बदली की तैयारी में हैं।
परिषदीय विद्यालयों का समय बदला
नए शैक्षिक सत्र के साथ ही परिषदीय विद्यालयों का समय बदल गया है। अब प्रात: नौ बजे के स्थान पर विद्यालय 8 बजे से शुरू होंगे। परिवर्तित समय एक अप्रैल से ही प्रभावी हो गया है।
संविलयन में पिछड़ा मथुरा
मथुरा। शासन के आदेश पर एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को संविलयन करने की व्यवस्था जनपद में अब तक प्रभावी नहीं हो सकी है। शासन ने 28 नवंबर को इस आशय का आदेश जारी किया था, इस पर पांच माह तक चुप्पी साधे बीएसए ने नए सत्र से एक दिन पहले खंड शिक्षाधिकारियों के आदेश जारी किया है। इससे जनपद में यह व्यवस्था एक अप्रैल से प्रभावी नहीं हो सकी। सिर्फ खंड शिक्षाधिकारी मांट ने 56 विद्यालयों की सूची जारी की है। मथुरा, फरह और बलदेव ब्लॉक में ऐसे विद्यालयों की संख्या सबसे अधिक है, जहां अब तक सूची भी तैयार नहीं है।